लखनऊ। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद ने अपनी स्थापना के शुरुआती दिनों में एक अध्ययन किया था। इसके अनुसार पूर्वांचल के काफी पशु कुपोषण के शिकार हैं। इससे न केवल संबंधित पशु की सेहत और उत्पादकता प्रभावित हो रही है, बल्कि दुग्ध उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। यह भी पता चला था कि पशुओं में बढ़ते बांझपन की एक प्रमुख वजह भी कुपोषण है। इसे देखते हुए गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने अभियान चलाया है। इससे पशुओं को चरने की पर्याप्त जमीन मिलेगी। साथ ही गोरखपुर के ताल नदौर और भदोही में बन रहे पशु चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा नस्ल सुधार के जरिए पशुओं की सेहत भी सुधरेगी और दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा। इससे न सिर्फ यूपी, बिहार और नेपाल के पशुपालकों को भी लाभ मिलेगा। संवाद