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Bhadohi News: ओवरलोड की गर्मी, 24 घंटे में ही फुंक जा रहे ट्रांसफाॅर्मर

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माधोरामपुर में जला बिजली का ट्रांसफार्मर। संवाद
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जिले में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बिजली की मांग भी बढ़ गई है। ओवरलोड की गर्मी से 24 घंटे में ही ट्रांसफाॅर्मर का वाट लग जा रहा है। निगम के अनुसार जिले में 10 दिनों में 138 ट्रांसफाॅर्मर फुंक गए हैं। ट्रांसफाॅर्मर जलने से गांवों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ट्रांसफाॅर्मर जलने से 30 हजार की आबादी को बिजली नहीं मिल रही है। निगम का दावा है कि 24 घंटे में ट्रांसफाॅर्मर बदल दिया जा रहा है। हकीकत यह कि कहीं 13 दिन ताे कहीं एक सप्ताह जले ट्रांसफाॅर्मर नहीं बदले गए। माधोरामपुर में एक सप्ताह, सारीपुर में पांच दिन, चौबुपरे, चुरौली जैसे गांवों में 13 दिन, त्रिलोकपुर में पांच दिन, कुनबीपुर में चार दिन, महुवापुर में दो दिन से ट्रांसफाॅर्मर जला हुआ है। भदोही स्थित वर्कशॉप के अधिकारियों का कहना है कि अब तक 126 ट्रांसफाॅर्मर को दुरुस्त किया जा चुका है।
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जिले में बीते 10 दिनों से तापमान 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है। तल्ख धूप और तपिश के बीच बिजली की ट्रिपिंग भी बढ़ गई है। नगर के लेकर गांव तक ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और कटौती की समस्या बनी हुई है। वहीं ओवरलोड के कारण ट्रांसफाॅर्मर भी खूब जल रहे हैं। गर्मी बढ़ने से गांवों में बिजली की खपत बढ़ गई है। बिजली निगम के अनुसार बिजली की खपत इन दिनों पूरे जिले में दोगुने के आसपास हो गया है। आमताैर पर जिले में बिजली की खपत 20 लाख यूनिट प्रतिदिन होती है। गर्मी में लोग फ्रीज, कूलर, एसी अन्य इलेक्ट्राॅनिक उपकरण चला रहे हैं। भदोही स्थित ट्रांसफाॅर्मर वर्कशाप के अनुसार बीते 10 दिनों में ही 138 ट्रांसफार्मर जले हैं। जिसमें करीब 40 फीसदी ट्रांसफाॅर्मर 25 केवीए हैं।
जिले के अधिकतर ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण फुंक रहे हैं। वर्कशॉप जेई मनोज यादव ने बताया कि गांवों में कनेक्शन के अनुसार उतनी ही क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, लेकिन अब तक तमाम लोग कम वाट का कनेक्शन लेकर अधिक बिजली खपत कर रहे हैं। इसके अलावा तमाम बिजली चोरी की भी शिकायतें आती हैं। जिसका लोड वहां की ट्रांसफार्मरों पर पड़ रहा है। इसके अलावा गर्मी के बीच ट्रांसफार्मर अधिक हीट होने से भी तकनीकी दिक्कत आ रही है। वर्कशाप अधिकारियों का दावा है कि आंधी-पानी के दौरान जिले में करीब 30 ट्रांसफार्मर ध्वस्त हो गए थे। जिसे दुरूस्त करा दिया गया है लेकिन अब भी नौ गांवों में गिरे ट्रांसफाॅर्मर दुरूस्त नहीं किए गए हैं। इसमें चौबेपुर, चुरौली, समेत तमाम गांवों में अब भी ट्रांसफार्मर खड़े नहीं हो सके हैं। बीते 13 दिनों से यहां की करीब आठ से 10 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
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शिवचंद शुक्ल, पूर्व प्रधान बहपुरा, शेरपुर ने कहा कि बहपूरा शेरपुर गांव की बस्ती में 15 दिनों में दो ट्रांसफार्मर जल गए थे। बस्ती के लोग बिजली-पानी के लिए परेशान थे। बार बार की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नही हो रही थी। समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद अब बदला गया है। आनंद चौबे, चौबेपुर ने कहा कि बीते 13 मई को आंधी आई थी, तब से लेकर अब तक गांव का ट्रांसफाॅर्मर ध्वस्त है। कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक इसे बदला तक से नहीं गया है। गांव की दो हजार आबादी परेशान है। प्रदीप यादव, महूवापुर ने कहा कि महूवापुर में सौ केवीए के ट्रांसफार्मर के फ़्यूज की एक खूंटी एक सप्ताह पहले जल गया था। इससे बस्ती में लो वोल्टेज की समस्या थी। सोमवार को फ्यूज कसा गया तो दूसरा खूंटी भी जल गया। दो दिन से 60 घरों की बिजली गुल है। शिवदत्त पाठक, माधोरामपुर ने कहा कि माधोरामपुर के पहलवान वीर बाबा मंदिर के पास लगे 25 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर बीते एक सप्ताह से जला है। जिससे गांव में विद्युत की समस्या बनी हुई है। शिकायत के बाद भी अब तक दुरूस्त नहीं किया जा सका है। शुभेंदु शाह, एक्सईएन वर्कशॉप ने कहा कि पिछले दस दिन में वर्कशाॅप में 138 ट्रांसफार्मर फुंक कर आए हैं। 126 को बदला जा चुका है। ट्रांसफाॅर्मर को बदलने में कम से कम 24 घंटे और अधिकतम 48 घंटे लग जाते हैं।
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