इस दौरान केंद्र सरकार पर श्रम कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया गया।
इस दौरान जुलूस निकाल कर श्रम विभाग कार्यालय पहुंचे वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानून को कमजोर करना चाहती है जो श्रमिकों के हित में नहीं है।
यदि श्रम कानून का मजाक बनाया गया तो देश के श्रमिक सत्ता छीनने का काम करेंगे। बनारसी सोनकर ने कहा कि कोई भी पार्टी मजदूर नीतियों पर खरा नहीं उतर रही है। मनरेगा में पंजीकरण के नाम पर धन उगाही की जा रही है।
गरीब मारा मारा फिर रहा है। प्रधानमंत्री विदेश घूम रहे हैं और मायावती अपने जन्मदिन मनाने में लगी हुई हैं। मुलायम सिंह सैफई महोत्सव मनाने में पड़े हैं।
भाकमा माले के जिला सचिव रामजीत यादव ने कहा कि प्रदेश और केंद्र में सरकार बनी लेकिन मजदूरों से किए गए वादों पर अमल नहीं हुआ। अब जब 2017 का चुनाव नजदीक आ रहा है तो राजनीतिक पार्टियां जनता को गुमराह कर अपनी अपनी गोटी फिट करने में लग गई हैं।
इसके पूर्व सैकड़ों महिला पुरुष मजदूर, किसान पीएनबी शाखा से जुलूस निकाल कर श्रम विभाग कार्यालय पहुंचे और धरना दिया। धर्मराज गौतम ने भी संबोधित किया। मुख्य रूप से विनोद उपाध्याय, लालमनी सरोज, दिनेश पाल, दिनेश गौतम, कबूतरा देवी आदि शामिल रहे।