ध्वस्त कानून व्यवस्था, बालू खनन सहित कई मुद्दों को लेकर भाजपा ने बुधवार को डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया। कहा कि सरकार के लचर रवैये से प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ गया है। आम आदमी अपने आपको सुरक्षित नहीं महसूस कर रहा है। प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। अंत में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
मुख्य अतिथि आंदोलन प्रभारी गंगसागर दूबे ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। मंत्रियों और विधायकों के इशारे पर हत्याएं हो रही है।
थानों में दलाली की बात को मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर चुके हैं। प्रदेश में देश भर के अपराधी आकर शरण ले रहे हैं। सपा सरकार में शिक्षा का स्तर गिर गया है, आए दिन पेपर आउट होने की बात सामने आ रही है। विशिष्ट अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सत्ता के बल पर जनता का अधिक दिन तक उत्पीड़न नहीं किया जा सकता। प्रदेश से लेकर जिले तक बालू खनन का अवैध व्यापार चल रहा है।
पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय ने कहा कि ध्वस्त कानून व्यवस्था, अघोषित बिजली कटौती, खस्ताहाल सड़कें, किसानों पर अत्याचार, दंगा ही सपा सरकार की उपलब्धि है। महासंपर्क अभियान प्रमुख चंद्रूलाल चंद्राकर, पूर्व विधायक पूर्णमासी पंकज, पूर्व मंत्री दीनानाथ भाष्कर, रामकिशोर बिंद ने भी धरने को संबोधित किया। धरने में कन्हैयालाल मिश्रा, संतोष, रेनू पांडेय, सपना दूबे, डा. आरके पटेल, छत्रपति सिंह, सुनील मिश्रा, बाबूराम बिंद, अशोक चौरसिया, शिलवंता आदि रहे।