घरवालों ने कहा कि यहां आओगी तो खैर नहीं। सोनू सूद ने इलाज का पूरा खर्च वहन कर पहले ही काफी मदद की है। अब एक लड़की होने के नाते घर पर रहना ही ज्यादा मुनासिब होगा, मगर पिता का रवैया ठीक नहीं है। गौरतलब है कि वर्ष 2013-14 में पिता की हरकतों से आजिज युवती घर छोड़कर अहमदाबाद चली गई थी। वहां एक युवक की मदद से नौकरी कर ली।
घरवालों के व्यवहार से दुखी होकर उसने हरिद्वार में जाकर धर्म परिवर्तन कर लिया। इस दौरान उसने अपना नाम भी बदल लिया। लॉकडाउन में दिल्ली से कानपुर आते समय बस पलट जाने से उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आ गई थी। इसके बाद वह बोन टीबी का शिकार हो गई।
यह बात शासन तक पहुंची तो जिला प्रशासन हरकत में आया और उसे उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल मिर्जापुर भेज दिया गया। वहां समुचित उपचार न मिलने पर अभिनेता सोनू सूद ने उपचार के लिए हरियाणा के करनाल बुलाया। वहां गत दिनों उसका ऑपेरशन किया गया। मगर, अब उसके रहने की दिक्कत हो गई है।
लड़की को उपचार के बाद उसके घर में ही रखवाया जाएगा। घर वाले उसे घर आने से मना नहीं कर सकते। आखिर वह कहां जाएगी। इसके बारे में बात की जाएगी। - राजेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी