सूचना पर दमकल भी गांव तक गया, लेकिन घर तक रास्ता नहीं होने से वापस लौट गया। ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था।
गांव के शिवलोचन गिरी की पुत्री काजल (10) रसोई घर में लकड़ी पर पर चाय बना रही थी। इसी दौरान भड़की चिंगारी से रसोई में रखे रहट्ठे में आग लग गई। बताते हैं कि आग देखकर बच्ची बाहर आ गयी और किसी को कुछ नहीं बताई।
उधर आग पूरी तरह से भड़क जाने के बाद जब लोगों को जानकारी हुई तो आग बुझाने को दौड़े। गांव वालों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद पड़ोसी के सबमर्सिबल पंप से आग पर काबू पाया जा सका।
लेकिन शिवलोचन के आसपास के तीन घर और उसमे रखे सामान जल कर राख हो गए। शिलोचन ने बताया कि फसल बेच कर मकान बनवाने के लिए घर में 25 हजार रुपये रखे थे, वो भी जल गए।
उसने नुकसान की कीमत एक लाख रुपये बताई। ग्राम प्रधानपति द्वारिका यादव, बीडीसी सुरेश यादव, शिवधार यादव, आल्हा यादव, चन्दन यादव, डा, लाल बहादुर, राजू यादव, बब्लु विश्वकर्मा आदि ने गरीब परिवार के लिए शासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।