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किसानों ने किया किसान बिल का विरोध

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किसान बिल के विरोध में भदोही रेलवे स्टेशन के समीप धरने पर बैठे किसान। - फोटो : BHADOHI
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भदोही। केंद्र सरकार के किसान बिल का विरोध करते हुए शुक्रवार को विभिन्न किसान, खेतिहर संगठनों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। तख्तियां लेकर धरने पर बैठे किसान नेताओं ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। राज्यसभा में बहुमत नहीं होने पर सदस्यों की मांग के बाद भी मतदान नहीं कराया गया। भारत के इतिहास में इस तरह से पहली बार बिल पास कराया गया। इसका हर स्तर पर विरोध होगा। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जुलूस नहीं निकालने दिया तो लोग रेलवे स्टेशन के समीप धरने पर बैठ गए।
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अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले भाकपा, माकपा, भाकपा माले, सीपीएम व सीपीआई कार्यकर्ता सुबह 11 बजे रेलवे स्टेशन के पास धरने पर बैठे। अध्यक्षता करते हुए रमापति यादव ने कहा कि सरकार ने बिल पास कराने में अपनी पूरी बौद्धिक क्षमता लगा दी। उनका विधेयक किसानों के लिए नहीं कारपोरेट घरानों के लिए बना है। भूलाल पाल ने कहा कि यह काला कानून है। इससे किसान की फसल ही नहीं खुद किसान भी गिरवी रखा जाएगा। का.इंद्रदेव पाल ने कहा किसानों को अन्नदाता कहते हैं और उन पर लाठी भी बरसाए जा रहे हैं। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ थे और रहेंगे। सरकार को इस काले कानून को वापस लेना होगा।
पुलिस द्वारा जुलूस नहीं निकालने देने पर लोगों ने कहा कि सरकार दमन का रास्ता अपना रही है। जो कभी अंग्रेजों ने किया था। प्रशासन की कार्रवाई को हिटलरशाही करार दिया गया। संचालन प्रेमचंद गौतम, जगन्नाथ मौर्य, लल्लन मौर्य, पंधारी यादव, असलम, विजय यादव, परदेसी राम वनवासी, इजहार खां, अफसर अली, अशोक चौहान, आजाद खां, इंद्रावती देवी, सुनीता देवी, अमरावती देवी, सावित्री देवी आदि उपस्थित रहे।
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