महदेपुर में सीकर रजवाहा में ईट जोड़कर किया गया बंद। संवाद
औराई ब्लॉक के महदेपुर गांव में किसान बसंत लाल मौर्य ने सिंचाई विभाग पर भूमिधरी की जमीन पर नहर बनाने का आरोप लगाते हुए सीखड़ रजबाहा की पुलिया के नीचे ईंट जुड़वाकर नहर बंद कर दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही उसे नहीं खोला गया तो नहर चालू होने पर पानी आगे नहीं जा सकेगा। मामले में सिंचाई विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
ज्ञानपुर मुख्य नहर से अलग-अलग रजबाहे के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पानी पहुंचता है। औराई क्षेत्र में सीखड़ रजबाहे से ही माइनरों के जरिये पानी खेतों तक पहुंचता है। शुक्रवार को महदेपुर गांव निवासी किसान बसंतलाल मौर्य ने रजबाहा की पुलिया को ईंट जुड़वाकर बंद कर दिया। आरोप है कि उनकी नहर से सटी गैरेज की दुकान थी। पिछले दिनों उसे नहर विभाग ने हटवा दिया और उनके बेटे सुभाष पर प्राथमिक दर्ज की। किसान ने आरोप लगाया कि उसकी एक बीघा जमीन पास में है। नहर में भी उसकी जमीन गई है। सीमांकन और पैमाइश के लिए 21 बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन आज तक समाधान नही किया गया। न्याय दिलाने के बजाए उनकी दुकान को हटाकर प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर सीखड़ रजबाहा बंद होने की सूचना से सिंचाई विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। गांव में विभागीय कर्मचारियों की टीम पहुंचकर मामले की जांच की। किसान को समझाकर ईंट हटाने को कहा। लेकिन वह नहीं माना। सिंचाई विभाग ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। सहायक अभियंता राबिन वर्मा ने बताया कि टीम जांच के लिए गई थी। किसान को समझाया जा रहा है। अगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। धान की नर्सरी के पानी के लिए जल्द ही नहर चालू होगी। 10 जून के बाद कभी भी नहर को चालू किया जाएगा। ऐसे में समय रहते सीखड़ रजबाहा को नहीं खोला गया तो 100 गांवों में सिंचाई की समस्या बढ़ जाएगी। इससे धान के सीजन में किसानों को परेशान होना पड़ सकता है।