ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किस्त मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से जारी कर दिया। शाम पांच बजकर 18 मिनट पर जैसे ही पीएम ने बटन दबाया किसानों के मोबाइल पर दो-दो हजार आने का मैसेज पहुंचने लगा। मोबाइल की घंटी बजने से उनके चेहरे खिल उठे। जिले के एक लाख 77 हजार किसानों के खाते में यह रकम पहुंचनी शुरू हो गई है, हालांकि कई किसान अभी भी आने का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिसंबर 2018 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरुआत की गई है। जिले में शुरुआती दौर में 1.78 लाख किसान ही पंजीकृत हुए थे, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर दो लाख 46 हजार पहुंच गई, हालांकि अपात्रों के नाम कटने से यह संख्या घटकर दो लाख से भी कम हो गई। केवाईसी, भूमि का सत्यापन आदि पूर्ण होने के बाद कृषि विभाग की तरफ से एक लाख 89 हजार किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन लखनऊ से एक लाख 77 हजार किसानों का ही लॉट आया। जिसको विभाग ने लॉक कर दिया।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के एक कार्यक्रम में शाम पांच बजे के बाद 17वीं किस्त के लिए डीबीटी की। बटन दबाते ही किसानों के मोबाइल में मैसेज आना शुरू हो गया। शाम पांच बजे से शुरू हुआ मैसेज देर रात तक आता रहा। मोबाइल पर दो-दो हजार रुपये पहुंचने का मैसेज आते ही किसान खुशी से झूम उठे। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि 17वीं किस्त के लिए 1.77 लाख किसानों का डॉटा लॉक किया गया था। जिन किसानों का सत्यापन पूर्ण नहीं हुआ था, उनको यह रकम बाद में मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंकिंग प्रणाली, सर्वर की दिक्कत से एक से दो दिन में भी धन आने का मैसेज किसानों को मिल सकता है। जिन किसानों को अभी नहीं मिला है, वह घबराएं नहीं। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खाते में दिक्कत है, वे राजकीय कृषि बीज भंडारों में पहुंचकर सुधार करा लें।