भदोही। चार दिवसीय कालीन मेला कालीन में भले ही बीते साल की अपेक्षा इस साल 100 करोड़ कम कारोबार की उम्मीद हो लेकिन उसके बाद भी यह मेला नए कालीन निर्यातकों की उम्मीदों को परवाज दे गया है। कालीन मेला में भाग लेने वाले तमाम नए कारोबारियों ने उम्मीद के अनुसार अच्छे कारोबार की संभावना जताई है।
एक्सपो मार्ट में आयोजित चार दिनी अंतरराष्ट्रीय मेला ने कई व्यवसाईयों के लिए नए द्वार खोले हैं। उनका मानना है कि जिस प्रकार से उनका कारोबार हुआ है। वह किसी संजीवनी से कम नहीं है। जिले के युवा कालीन उद्यमी संदीप केलंका और दिव्यांश अग्रवाल ने कालीन मेले को काफी सकारात्मक बताया। उन्होंने बताया कि उन्हें कालीन कारोबार शुरू किए मुश्किल से एक वर्ष भी नहीं बीता है। इसके बाद भी इस फेयर में उन्हें कम से चार खरीदारों से अच्छा काम मिला है। बताया कि उनके स्टाॅल पर 10 से 12 आयातकों ने विजिट किया। इससे उन्हें दिल्ली फेयर में भी भागीदारी करने की प्रेरणा मिली है। अमर उजाला के साथ बातचीत में संदीप केलंका और दिव्यांग अग्रवाल ने बताया कि एक साल पहले दोनों ने पार्टनरशिप में काम शुरू किया था। वे अब तक पैकिंग मैटीरियल व्यापार करते थे, लेकिन अब उन्होंने कालीन उत्पादन शुरू किया है। दिव्यांश अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल वे टफ्टेड कालीन और दरियां बना रहे हैं और इन्हीं के सैंपलों को स्टाॅल पर प्रदर्शित किया था। बताया कि कई खरीदारों ने उनके उत्पाद पसंद किए गए हैं। उनके स्टॉल पर एक दर्जन से अधिक आयातकों ने दौरा किया। जिसमें कई सैंपल्स ले गए हैं। बताया कि खरीदारों को उनके उत्पाद इतने पसंद आए कि पांच खरीदारों ने उनके लेकिन सारा स्टाॅक उठा लिया। जिससे उत्साहवर्धन हुआ है। वहीं संदीप ने बताया कि अब तो वे अगले वर्ष मार्च में दिल्ली एक्सपो में भी भाग लेने की सोच रहे हैं। दूसरी तरफ बाजार सरदार खां मोहल्ले के कालीन निर्यातक मो. राशिद अंसारी भी उन लोगों में से हैं। जिनके लिए यह कारपेट एक्सपो उत्साहित करने वाला रहा। बताया कि वे नाटेड, टफ्टेड, हैंडलूम समेत हर किस्म के कालीन और रग्स बनाते हैं। बताया कि चार दिन में उनके स्टाॅल पर डेढ़ दर्जन से अधिक आयातकों ने कदम रखे। जिसमें से 6 लोगों से कारोबारी बातचीत हुई है। जिससे उनका पूरा परिवार उत्साहित है।