फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: पीएम आदर्श गांव की नालियां टूटीं, हैंडपंप खराब सड़कें चलने लायक नहीं और शौचालय बदहाल

विज्ञापन
ज्ञानपुर के प्रधानमंत्री आदर्श गांव ​शिवरामपुर में बदहाल नाली। संवाद
विज्ञापन
ज्ञानपुर। अनुसूचित जाति बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पीएम आदर्श गांव योजना की शुरुआत की थी। अफसरों की उदासीनता और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से योजना का बंटाधार हो गया है। नालियां टूट गईं। हैंडपंप खराब हो गए। सड़कें चलने लायक नहीं हैं।, शौचालय बदहाल हैं।
विज्ञापन

औराई के भक्तापुर में नाली निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया, मौके पर जमीन ही नहीं है। हरिरामपुर और डीघ उपरवार में आंगनबाड़ी केंद्र बनना प्रस्तावित था, लेकिन यहां पहले से केंद्र संचालित है।
आदर्श गांव की पहचान आजकल बदहाली ही है। बीते चार साल में जिले के 108 गांवों में इस योजना पर 21.60 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। फिर भी ये गांव आदर्श गांव नहीं बन सके।
विज्ञापन

हर गांव में 20-20 लाख रुपये से इंटरलॉकिंग, नाली, सोलर लाइट लगाई गई थी। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 20, 2020-21 में 50 और 2022-23 में 38 गांव का चयन हुआ था। समाज कल्याण निगम को इन गांवों में काम कराने की जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए विभाग ने कार्यदायी संस्था सिडको नामित किया था। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जब शुरू हुई तो लगा था कि आंबेडकर और लोहिया गांव की तर्ज पर इन गांवों का विकास होगा। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। अभी तो मात्र चार साल ही बीता है। मंगलवार को अमर उजाला ने चार ग्राम पंचायतों की पड़ताल की तो बदहाली की तस्वीर सामने आई। ज्ञानपुर के शिवरामपुर, बनकट छनौरा, भदोही
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें