महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की मनमानी के मामले को डीएम विशाल सिंह ने संज्ञान लिया है। अमर उजाला के मंगलवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने अनुपस्थित 18 चिकित्सकों का वेतन रोक दिया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएमओ को एमबीएस भदोही में लगातार अनुपस्थित रहने वाली गायनकोलॉजिस्ट की सेवा समाप्ति का निर्देश दिया।
सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान में स्क्रीनिंग की जानकारी दी। महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय में कार्यरत डॉ. नजमा नाहिद गायनकोलॉजिस्ट का लगातार बैठकों में अनुपस्थित रहना, कार्य में शिथिलता की शिकायत को डीएम ने संज्ञान में लिया। मेडिकल बोर्ड ने उनके फिटनेस की जांच करते हुए रिपोर्ट सौंपा। जिसमें वह फिट पाई गईं।
अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक कुल 110 सीजर (10 प्रति माह) होनी चाहिए, जबकि उन्होंने केवल 26 सिजेरियन प्रसव ही कराएं। डीएम ने एक नोटिस के बाद सेवा समाप्त का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर आठ बजे की ओपीडी, 9:25 बजे तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे 19 में से 18 डॉक्टर को गंभीरता से लिया। अनुपस्थिति सभी 18 डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने आयुष के सभी डॉक्टरों से परिचय प्राप्त सेवा भाव से काम करने का निर्देश दिया। इस मौके पर सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी आदि रहे।