कलेक्ट्रेट में संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस करते जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह कलेक्ट्रेट में संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस करते जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह और पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद भूषण पांडेय।और पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद भूषण पांडेय।
दुर्गापूजा और मोहर्रम पर सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। जिले को चार जोन और 13 सेक्टरों में बांटकर दो कंपनी पीएसी समेत 1652 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है, जो नवरात्र मेले और मोहर्रम जुलूस के दौरान चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने में खास भूमिका निभाने वाले लोगों को पुलिस-प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
दुर्गापूजा के साथ भरत-मिलाप और उसके ठीक एक दिन बाद मोहर्रम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के तगड़े व्यवस्था किए हैँ। दुर्गापूजा से लेकर मूर्ति विसर्जन और मोहर्रम के ताजिया जुलूस तक की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले को चार जोन में बांट दिया गया है। इसमें 13 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती करने के साथ ही सात अतिरिक्त आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट भी बनाए गए हैं। दुर्गापूजा और मोहर्रम के समूचे सुरक्षा प्रबंध के लिए आठ इंस्पेक्टर, 80 एसआई, 143 हेड कांस्टेबल, 750 कांस्टेबल, 42 महिला कांस्टेबल, 199 रिक्रूट कांस्टेबल, 430 होमगार्ड के अलावा दो कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है।
इसके अतिरिक्त जिले के तीन सीओ के अलावा बाहर से मिले एक सीओ भी इस दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी देखेंगे। कलेक्ट्रेट में आयोजित डीएम-एसपी की संयुक्त प्रेस कांन्फ्रेंस में पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने शुक्रवार को बताया कि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने में सहयोग प्रदान करने वाले लोगों को प्रशासन और पुलिस की ओर से सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि दुर्गापूजा के निमित्त जिले में 430 स्थानों पर पूजा पंडाल बनाए गए हैं और मोहर्रम में 473 स्थानों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। इनमें जुलूस के कई रास्ते संवेदनशील माने जाते हैं।