फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिपिंग बिल की दी जानकारी

Sun, 18 Sep 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
विज्ञापन
भदोही में दीप जलाकर प्रोत्साहन संगोष्ठी का शुभारंभ करते अमित कुमार और अन्य।
विज्ञापन
 संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार अमित कुमार ने कहा कि कालीन निर्यातक अपने शिपिंग बिल भरते समय उत्पाद कोड को सावधानीपूर्वक भरें। उसी पर आपका इंसेंटिव निर्भर करता है। बताया कि उत्पाद कोड यदि विवरण से नहीं मेल नहीं खाएगा तो भी इंसेंटिव मिलने में भारी दिक्कत होगी। वे शनिवार को अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के सहयोग से कालीन भवन में आयोजित निर्यात बंधु के तहत आयोजित प्रोत्साहन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि भारत सरकार निर्यात बढ़ोत्तरी के लिए निर्यातकों को निर्यात मूल्य का 5 प्रतिशत इंसेटिव के रूप में देती है। इसे प्राप्त करने के लिए निर्यातक को शिपिंग बिल भरते समय अपने उत्पाद कोड को सही सही भरने के साथ यह देखना भी आवश्यक है कि कोड माल के विवरण से मेल खाता हो। यह भी बताया कि इंसेंटिव प्राप्त करने के लिए शिपिंग बिल में हां लिख कर स्पष्ट उल्लेख करें। कहा कि यदि आप उत्पाद कोड गलत भरेंगे तो उसे दोबारा बदला नहीं जा सकेगा। साफ किया कि लोग समस्याओं के समाधान के लिए डीजीएफटी वाराणसी कार्यालय का सहयोग लें जिसके लिए हम बैठे हुए हैं।
निर्यात ऋण गारंटी कारपोरेशन (ईसीजीसी) के वाराणसी शाखा प्रबंधक अरुण कुमार साहू ने बताया कि निर्यातकों को माल भेजने के साथ ही आयातक से गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेना चाहिए। कहा कि कई मामलों में आयातक गुणवत्ता में कमी बताकर भुगतान में आना कानी करते हैं। कई निर्यातक ऐसे हैं जो इस पर अमल करते हैं और खुशहाल हैं। उन्होंने लोगों को बताया कि आपका भुगतान विदेशों में फंसता है तो वह आपके साथ साथ भारत का भी नुकसान है। इसलिए ईसीजीसी कवर कराकर ही माल विदेश भेजें। समारोह के अंत में हुए खुला सत्र में संयुक्त निदेशक ने निर्यातकों की समस्याओं को सुना और उनकी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने की। मानद सचिव पियूष बरनवाल ने संचालन किया। शमीम आलम लल्लन, शिवसागर तिवारी, अश्फाक अंसारी, उमेश भल्ला, गुफरान अहमद, संजय मेहरोत्रा, आलोक बरनवाल, महेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें