ज्ञानपुर। गो-संरक्षण शासन की प्राथमिकता में शामिल है, लेकिन अफसर इसको लेकर उदासीन हैं। बारिश में समुचित व्यवस्था न होने से गौशालाओं में कीचड़ का साम्राज्य है। इसमें गोवंशों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ गोशालाओं में तो चारे का भी संकट है। गंदगी के कारण कमजोर गोवंश बीमारी की चपेट में आ जा रहे हैं। गो संरक्षण के लिए जिले में दो स्थायी और 21 अस्थाई गोशालाएं हैं। इसमें करीब 5400 गोवंश संरक्षित हैं। शासन से लेकर प्रशासन की ओर से गोवंश को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन केयरटेकर से लेकर विभागीय अधिकारी इसको लेकर उदासीन हैं। पशुओं को बारिश से बचाव के लिए ठोस इंतजाम नहीं है। ज्ञानपुर के चकवां स्थित गोशाला में कीचड़ फैला हुआ है। इसके अलावा चारे की भी व्यवस्था नहीं है। यहां पर करीब 50 गोवंश हैं। रमईपुर गोशाला में भी जगह-जगह कीचड़ है। अस्थाई गौशाला असईपुर में भी सबकुछ ठीकठाक नहीं है। यहां भी परिसर में कीचड़ फैला है।