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नकदी के लिए उपभोक्ताओं ने किया हंगामा

Fri, 02 Dec 2016 01:41 AM IST
bhadohi hindi news
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नकदी के लिए उपभोक्ताओं ने किया हंगामा
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फोटो
बैंक कर्मचारियों को अंदर जाने से रोका
कहा, जब कैश नहीं तो अंदर जाकर क्या करेंगे कर्मचारी
मोढ़ और ममहर काशी-गोमती ग्रामीण बैंक पर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो  
मोढ़/चौरी। नकदी की किल्लत से जूझ रहे लोगों का गुस्सा बैंकों पर निकलने लगा है। बृहस्पतिवार को कैश न होने का बोर्ड टंगा देखकर उपभोक्ता उग्र हो गए और बैंककर्मियों को अंदर जाने से रोक दिया। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की मोढ़ और चौरी क्षेत्र की ममहर शाखा में उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों को बाहर रोककर हंगामा किया। काफी देर बाद बैंक में पैसा आने के बाद ही कर्मचारियों को अंदर जाने दिया गया। इसके बाद काम शुरू हुआ।
नोटबंदी के बाद शुरू हुई करेंसी की किल्लत के साथ ही लोगों का गुस्सा भी बढने लगा है। बैंक में पैसा खत्म होने की बात कहकर कर्मचारी अपने काम में लग जाते हैं और लोग बैंक का चक्कर काटकर खाली हाथ घर लौट जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को इसी बात को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज उपभोक्ताओं ने कहा कि जब बैंक में पैसा नहीं है तो फिर अधिकारियों और कर्मचारियों का उसमें क्या काम। और काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की मोढ़ शाखा को बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे खोलने पहुंचे बैंककर्मियों को ताला खोलने से रोक दिया। इसके बाद हंगामा मच गया। ग्रामीणों का कहना था कि एक हफ्ते से बैंक में पैसा नहीं है। लोग पैसे की जरूरत में बेहाल हैं। खेत की जोताई, दवा, स्कूल की फीस और जरूरी गृहस्थी के सामान भी पैसे की कमी के चलते मयस्सर नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों का हंगामा देख ड्यूटी पर लगे पुलिस के जवान भी मूकदर्शक बने रहे। बैंक मैनेजर ने कहा कि हमें दो लाख रुपये ही कैश मिला था, जिसे हमने सोमवार को ही बांट दिया। उसके बाद कैश नहीं मिला। इस संबंध में मैनेजर ने अपने उच्चाधिकारियों से भी बातचीत की और ग्रामीणों को समझाया कि उन्हें आज कैश मिलेगा। काफी समझाने बुझाने के बाद 11.15 बजे के आसपास ग्रामीणों ने बैंक खोलने दिया।  
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चौरी संवाददाता के मुताबिक काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की ममहर शाखा में भी कैश न होने का बोर्ड टंगा देखकर ग्रामीण उग्र हो गए और पहुंचे बैंक कर्मियों को ताला खोलने से रोक दिया। हंगामा बढ़ा तो चौरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। हंगामा कर रहे लोगों को समझाया गया। लेकिन, वे कैश के बिना मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस और बैंक अधिकारियों का कैश उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद करीब साढ़े 12 बजे ग्रामीणों ने बैंक का ताला खोलने दिया। इसके बाद कामकाज शुरू हुआ।  
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ब्यूरो
ग्राहकों को दिया जा रहा है टोकन
घोसिया। नोटबंदी के बाद बैंकों के काउंटरों पर जहां नकदी के लिए मारामारी मची है और बैंक प्रबंधनों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की घोसिया शाखा में काम को व्यवस्थित रूप देकर शांतिपूर्ण ढंग से निपटाया जा रहा है। न तो बैंक में कहीं भीड़भाड़ दिख रही है ना ही गहमागहमी। बैंक मैनेजर सैयद अली अरशद ने बताया कि उपभोक्ताओं को सुबह ही टोकन नंबर देकर हर घंटे सौ-सौ लोगों को निर्धारित समय पर बुलाया जा रहा है। इससे वह घर जाकर अपना काम करते रहते हैं और बुलाए गए समय पर पहुंचकर अपना पैसा ले लेते हैं। इससे उन्हें समय जाया नहीं करना पड़ रहा है।
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