जाति प्रमाणपत्र जारी न होने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को गोंड समाज से जुड़े लोग मुखर हो गए। समाज के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा और अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के बैनर तले कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जान बूझकर जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहा है। डीएम को ज्ञापन देकर अविलंब प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की।
भाजपा एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश गोंड के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए परिसर के अंदर घुस गए। आनन-फानन में मौके पर सुरक्षाकर्मी तैनात किये गए। आरोप लगाया कि शासनादेश जारी होने के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा रहा है। तीनों तहसीलों में प्रमाणपत्र जारी न होने से समाज के बच्चों के वजीफा के लिए व अन्य फार्म जमा नहीं हो पा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड नहीं हो रहा है। इससे समाज के युवा स्कूलों में प्रवेश ल नौकरी से वंचित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगें अविलंब पूरी नहीं की गईं तो वृहद स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर संजय गोंड, अनीता देवी, रिंकी, राजकुमार, किशन कुमार, सुषमा देवी, सरिता, महेंद्र कुमार गोंड, राधेश्याम, कमला प्रसाद, काजल, भूइधर, जयशंकर, पार्वती, बनारसी आदि मौजूद रहे।
उधर, इस मामले में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि पहले से ही जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहे हैं, क्योंकि एक वर्ग के जो गोंड जाति के लोग होते हैं, उनकी संख्या यहां नहीं है। पहले हमारे सामने दो मामले आए थे, जो गोंड नहीं बल्कि कहार समाज के थे। ऐसे में अगर ये लोग कह रहे हैं तो इस मामले में स्क्रूटिनी कमेटी जांच करेगी, जो ऐसे मामलों में निर्णय लेती है और तय करेगी कि ये किस वर्ग के हैं।