भले ही विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता से जुड़े तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें शासन से लागू स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चे होते हैं लेकिन, भदोही जिले में स्वास्थ्य विभाग की सुविधा बदहाल चल रही है। जितनी सुविधाएं हैं, वो सब काम चलाऊं हैं। जनपद सृजन के बाद से भदोही में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पूरी तरह से दूर नहीं हो सकी है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर नजर डाले तो अब तक लगभग 22 साल में एक जिला अस्पताल नसीब नहीं हो सका है। महराजा चेतसिंह राजकीय अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा दे दिया गया है। निर्माणाधीन जिला अस्पताल का लंबे समय बाद काम चालू हुआ है। भ्रष्टाचार के कारण दो साल से अधिक समय तक काम बंद रहा। वहीं जिला समेत जिले के सभी राजकीय अस्पतालों में चिकित्सीय संसाधनों की लंबे समय से कमी चल रही है।
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में हड्डी रोग, त्वचा रोग, हृदय रोग, लीवर रोग और रेडियोलॉजिस्ट समेत कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से चल रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के चलते जिले के अस्पताल सिर्फ रेफरल यूनिट बनकर रह गए हैं। पीएचसी, सीएचसी, एमबीएस अस्पताल भदोही और जिला अस्पताल मे आने वाले मरीजों को ठीक तरह से उपचार नहीं मिल पाता। उन्हें पीएचसी से सीएचसी और जिला अस्पताल तक रेफर किया जाता है।
इस बारे में सीएमओ डॉ. डीके सोनकर का कहना है कि जो भी सुविधाएं हैं, उसे उपलब्ध कराया जाता है। शिकायत पर कार्रवाई भी होती है।