कोतवाली अंतर्गत जलालपुर में रविवार की शाम चौरा माता मंदिर के नाम पर हो रही चारदीवारी निर्माण रोकने गई पुलिस बल पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इसमें चौकी इंचार्ज धौरहरा राहुल कुमार और एक सिपाही घायल हो गए। उनका उपचार महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल में कराया गया। इस मामले में कोतवाली में 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को हिरासत में ले लिया गया।
देर रात एसपी डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने घटनास्थल का जायजा लिया और शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया। हालांकि पुलिस के डर से गांव के कई लोग घर छोड़ कर फरार हो गए। गांव वालों का कहना है कि चौरा माता मंदिर की चारदीवारी के लिए उन लोगों ने मिल कर ईंटें मंगाई थी। मंदिर के समीप रहने वाली महिला सुमित्रा पत्नी राजेंद्र प्रसाद ने एसडीएम और कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर निर्माण रोकने की मांग की थी।
महिला के अनुसार चारदीवारी निर्माण से उसका रास्ता बंद हो रहा था। इस पर सायं छह बजे चौकी इंचार्ज जीप से पहुंचे और निर्माण रोकवा कर लौट आए। इस पर उनकी ग्रामीणों से थोड़ी कहासुनी हुई लेकिन लोग मान गए। जैसे ही चौकी इंचार्ज लौटे शिकायत करने वाली महिला फिर कोतवाली आई और बताया कि वहां निर्माण शुरू हो गया है।
तब धौरहरा चौकी इंचार्ज राहुल कुमार जीप से छह हमराहियों के साथ मौके पर गए।
निर्माण कार्य रोकने के बाद भी कराने के सवाल पर पुलिस और ग्रामीणों में कहासुनी हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने हमला कर दिया। कोतवाली पुलिस के अनुसार ग्रामीणों के हमले में चौकी इंचार्ज राहुल कुमार का सिर फट गया है।उनके साथ एक सिपाही भी घायल हुआ है। मामले में 16 लोगों के विरुद्ध नामजद और दो दर्जन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक ने रात 11 बजे स्थिति का जायजा लिया और एहतियात के तौर पर वहां पुलिस और पीएसी तैनात कर दी। उधर, पुलिस के भय से बहुत से लोग घर छोड़ कर भाग गए हैं।