बताया कि रोहताश उसे अपने प्यार की जाल में फंसाकर ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि उसने नाबालिग को पूरेझम्मन गोपीगंज निवासी संतोष यादव को सौंप दिया।
वहां से संतोष उसे लेकर ग्वालियर पहुंचा और वहां तीन दिनों तक रहा और वहां से नाबालिग को लेकर मेरठ पहुंचा। जहां उसने पहले से बातचीत के आधार पर किशोरी को घोसीपुरा, बिजनौर, नजीबाबाद निवासी उषा देवी को सौंपा और दोनों अमरदीप निवासी सैनिक बिहार बाना कंकरखेड़, मेरठ के पास पहुंचे। यहां तीनों लोग नाबालिग को लेकर बाजमपुर माजरा, रोहटा, मेरठ पहुंचे और आकाश गुप्ता को सौंप दिया।
इधर पुलिस जांच में लगी थी। नाबालिग का सौदा एक लाख 10 हजार रुपये में किया गया था। जिसमें कुछ पैसा आकाश ने नहीं दिया। बीते 10 नवंबर को बकाया पैसा को लेने के लिए उषा देवी व संतोष पहुंचे थे। इस बीच पुलिस ने दोनों के साथ नाबालिग को खरीदने वाले आकाश को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं मौके से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया। एसपी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 25 हजार का ईनाम देने की घोषणा की है।
शादी के इरादे से नाबालिग को खरीदा
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि रोहताश के बहकावे में आकर नाबालिग फरार हो गई। जिसके बाद सबने मिलकर उसे आकाश को बेंच दिया। बताया कि नाबालिग के सौदे का मुख्य उद्देश्य उसके साथ शादी करना था। आकाश नाबालिग का खरीदार था और नाबालिग से शादी करने की तैयारी में था।
नाबालिग की मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। वहीं गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ नाबालिग का सौदा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके अन्य गतिविधियों की तलाश की जा रही है। अब तक की जांच में कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है। फरार अमरदीप की तलाश की जा रही है। - अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक।