कहा कि अफसर शिक्षकों के मान-सम्मान से खिलवाड़ न करें अन्यथा व्यापक स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा। स्कूलों में दूध वितरण व्यवस्था बंद करने की मांग की गई। 20 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह ने शिक्षकों की समस्याओं को उठाया। कहा कि सरकार प्राथमिक विद्यालयों को प्रयोगशाला बना चुकी है।
बच्चों को पढ़ाने की बजाए उनसे साल भर तरह-तरह का काम लेती रहती है और बाद में पठन-पाठन का हवाला देकर अधिकारी कार्रवाई करते हैं। शिक्षकों को पढ़ाने का कार्य देकर उसकी निगरानी कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिलामंत्री घनश्याम यादव ने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान से अधिकारी खिलवाड़ न करें। दूध वितरण और एसएमएस से छात्र उपस्थिति को समाप्त किया जाए।
चेतावनी दी कि शिक्षकों की 20 सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में मनोज कुमार उपाध्याय, वंशराज मौर्य, अरुण कुमार पांडेय, सूर्यकांत मौर्य, मनोज शुक्ला, कैलाश यादव, केके मौर्य, सुभाष पाल, अनिल सिंह, शिव बहादुर यादव, सुरेश सरोज, समरजीत यादव, प्रमोद मिश्रा, धनेश मिश्रा, दिनेश कुमार मौर्य, शिल्पी, प्रिया, वीरेंद्र सिंह, पूजा मिश्रा, शैलेंद्र पाठक, संतोष खरे सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। धरने का संचालन योगेश पांडेय ने किया।
लाख हो।