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प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती

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भदोही। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। वह अपना मुकाम ढूंढ ही लेती है। ऐसे तमाम उदाहरण है जब जमीन से छोटी सी शुरुआत कर प्रतिभाओं ने गगन को छुआ है। भदोही जनपद में भी ऐसे प्रतिभाओं की कमी नहीं है। भदोही ब्लॉक के ग्राम मूंसी बृजराजपुर निवासी अनिल राय के बेटे प्रशांत उर्फ मोनी राय इन दिनों बॉलीवुड में अपने अभिनय कला से न केवल सिने प्रेमियों का बल्कि निर्माता निर्देशकों का ध्यान खींच रहे हैं। 34 वर्षीय प्रशांत ने स्कूली शिक्षा गांव में ही की। 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई मानिकपुर स्थित जीबी पंत कॉलेज से करने के बाद वाराणसी के एक संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशंस में स्नातक किया। लेकिन कंप्यूटर एप्लीकेशंस की डिग्री उनका करियर नहीं बना पाई, क्योंकि उनका मन तो अभिनय में लगा था। उनकी यही सोच वर्ष 2009 में उन्हें मुंबई खींच ले गई। लगभग 4 वर्ष के प्रारंभिक संघर्ष के बाद 2013 में आखिरकार उन्हें नाना पाटेकर के साथ फिल्म छब्बीस ग्यारह में ब्रेक मिल गया। इसमें अपने अभिनय के बल पर उन्होंने विक्रम भट्ट जैसे नामी निर्माता-निर्देशक का ध्यान खींचा और सुशांत सिंह के साथ हेट स्टोरी-2 में नेगेटिव रोल मिला। इसके बाद उन्हें काफी जाना जाने लगा। इसी बीच वर्ष 2016 में उन्हें भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान धोनी पर बनी फिल्म एमएस धोनी में भी किरदार करने का मौका मिला। जिससे उनके पांव फिल्म इंडस्ट्री में जमने लगे। फिल्मों के साथ साथ उन्हें टीवी सीरियलों के भी ऑफर आने लगे तो काफी सोच विचार के बाद उन्होंने सीरियल में भी काम करना शुरू कर दिया। वर्तमान में वे लाडो-2, सितारा (कलर्स), सरस्वती चंद्र (स्टार प्लस), चंद्रकांता (एंडटीवी), संतोषी माता-2 (स्टार वन), महादेव (लाइफ ओके) में जैसी सीरियलों के माध्यम से अपने अभिनय कौशल का लोहा मनवा चुके हैं। इन दिनों घर आए प्रशांत ने कहा एक दो अच्छी वेब सीरीज फ्लोर पर हैं। जिनमें काफी चैलेंजिंग भूमिकाएं हैं। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी उन्होंने नाम कमाया है सब घर परिवार के उत्साहवर्धन के चलते है। क्योंकि घर से सहयोग न मिला होता तो आज यहां तक न पहुंच पाता।
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