जिले के परिषदीय स्कूलों में चल रहे को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए झूले लगेंगे। इसके लिए जिले के 265 केंद्रों का चयन किया गया है।
इन आंगनबाड़ी केंद्रो के बच्चों के लिए आउटडोर प्ले मेटेरियल के लिए जिले को 1. 32 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इससे सभी 265 केंद्रों पर 50-50 हजार की दर से पांच प्रकार के झूले लगाए जाएंगे।
जिले में कुल 1492 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 432 आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय विद्यालय परिसर में संचालित हैं। इन केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया है। नई शिक्षा नीति में प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-एक में प्रवेश से पहले तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ाया जाएगा। इन केंद्रो पर पढ़ने वाले बच्चों को तमाम प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। अब 265 विद्यालयों में बच्चों को खेलने के लिए झूले लगाए जाएंगे। यह झूले पूरी तरह से बच्चों के लिए आरामदायक होने के साथ ही सुरक्षित और सुविधाजनक होंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि विद्यालयों में कुल पांच तरह के झूले लगाए जाएंगे।
इसमें दो शीटर रॉकिंग बोट, राउंड एबाउट (स्टैंडिंग एमजीआर), सीवइंग, सी-शॉ और साइड जैसे झूले के इंतजाम किए जाएंगे। अलग-अलग तरह के झूले लगाए जाने से बच्चों के शारीरिक विकास में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि एक-एक विद्यालय के लिए 50-50 हजार की धनराशि मिली है। जल्द ही जेम पोर्टल से खरीदारी कर विद्यालयों को झूला भेजा जाएगा।