ऊंज। जिले में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि ने फसलों का नुकसान कर दिया। किसान नुकसान की भरपाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम का भी गठन किया है। किसानों का आरोप है कि टीम गांवों में पहुंच ही नहीं रही है, तो फिर मुआवजा कैसे मिलेगा। एक सप्ताह पहले जिले में तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। इस दौरान बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों की फसलों को काफी नुकसान हुआ। इसके अलावा चना, मटर, उड़द जैसी फसलें भी बारिश की भेंट चढ़ गई। ऐसे में जिलाधिकारी ने तत्काल तीन सदस्यीय टीम का गठन कर किसानों की नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया। वे खुद सक्रिय रहकर लगातार किसानों के नुकसान का जायजा ले रहे हैं और गांवों में राजस्व कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई, लेकिन न तो सर्वे टीम और न ही राजस्वकर्मी किसानों के खेतों तक पहुंच पा रहे हैं। ज्ञानपुर के तेजीपुर गांव निवासी सेवालाल ने कहा कि सात बीघा अपनी और 15 बिस्वा अधिया पर लेकर खेती की थी। बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई। आज तक सर्वे टीम नहीं दिखी। आते भी हैं तो एक जगह बैठकर रिपोर्ट तैयार कर लेते हैँ। नगरदह निवासी श्यामधर यादव ने बताया कि उनकी 1.30 बीघे में गेहूं की फसल बोई थी, जो नुकसान हो गया। वह भी सर्वे टीम का इंतजार कर रहे हैं। इनारगांव निवासी दयाशंकर गिरी ने बताया कि दो बीघे जमीन में गेहूं की फसल बोई थी, जो बारिश के कारण बर्बाद हो गई। नुकसान की जानकारी लेने कोई नहीं पहुंचा। ऐसे में क्या उम्मीद लगाएं। इब्राहिम पुर निवास अमरजीत बिंद का कहना है कि उन्होंने दो बीघे में गेहूं की फसल बोई थी, जो आंधी और बारिश में गिर गई है। मुआवजा कैसे मिलेगा, यह बताने वाला कोई नहीं है।