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Bhadohi News: सन-सन हवा चली, रिमझिम बरसे बादल

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ज्ञानपुर। मध्य प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव में मंगलवार की दोपहर तेज हवा चलने लगी। शाम चार बजे तक रिमझिम बारिश होती रही मौसम विभाग के अनुसार 3.5 एमएम बारिश हुई। बुधवार को मौसम साफ रहने का आनुमान है। एक मार्च से एक बार फिर बारिश की संभावना बन रही है। बारिश के कारण सड़कों पर कीचड़ पसर गई है।
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जिले के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। इस माह मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लगातार बना हुआ है। पूरे फरवरी माह में धूप-छांव बारिश का असर बना रहा। मध्यप्रदेश में हुए चक्रवाती परिसंचरण के असर के कारण मंगलवार को एक बार फिर मौसम बिगड़ गया। इस असर सोमवार से ही देखा जा रहा था। सोमवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक तेज हवा चलने लगी और आसमान में काले बादल छा गए। थोड़ी ही देर में रिमझिम बरसात शुरू हो गई जो तीन घंटे तक जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 3.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
बारिश के बाद ग्रामीण अंचलों की सड़कें कीचड़ से भर गई। जिससे लोगों की मुसीबत बन गई। जनपद के हरीरामपुर से कंसरायपुर मार्ग, धीरपुर वैदा मार्ग, मनीगंज कस्तुरीपुर मार्ग, दुर्गागंज पुरानी बाजार, कसियापुर, चकचंदापुर, अनेनपुर, वैदहा मार्ग आदि मार्ग कीचड़ से भरे रहे। गढ्ढे से भरी इन सड़कों पर बाइक सवार और पैदल चल रहे लोगों का चलना दूभर हो गया। इसके अलावा ग्रामीण इलाके की सड़कें भी कीचड़ में डूब गई। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में हुए चक्रवाती परिसंचरण के असर के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव हुआ है। जिले में करीब 3.5 एमएम बारिश हुई है। आने वाले दो दिन मौसम साफ रहेगा, लेकिन एक मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण एक बार फिर बारिश की संभावना बन रही है। ऐसे में किसानों को पहले से ही सतर्क रहने की आवश्यकता है। बारिश होने के बाद तापमान में भी गिरावट आया है। अधिकतम तामान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में 743 मरीजों की ओपीडी हुई। जिला अस्पताल के डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लगातार बना हुआ है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुर्जुगों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
इनसेट:
गिरी गेंहू की फसल, तिलहन पर भी संकट
बरसात और तेज हवा के कारण जिले के कई इलाकों में तैयार गेंहू की फसल गिर गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय की बारिश तिलहनी की फसलों के लिए संकट है। बारिश के बीच तेज हवाओं से सरसों के फूल गिरने का डर बना रहा। बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि अभी जो बारिश हुई है। इससे सरसाें की फसल को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि अगैती सरसों की फसल कट चुकी है, या तो कट रही है। इससे नुकसान होने का डर है। इसके अलावा आलू, गाजर, मूली जैसी ऐसी फसलें, जो अभी खेत में पड़ी हैं। वे खराब हो सकती हैं। वहीं अरहर की फसलों पर भी इसका असर देखा जा सकता है।
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