सभासदों सहित अधिवक्ता महेंद्रनाथ बिंद के खिलाफ भदोही कोतवाली में दर्ज मुकदमे को रद करने की मांग को लेकर भदोही बार एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार से अनिश्तिकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। तहसील न्यायालय का बहिष्कार कर अधिवक्ता तहसील में धरने पर बैठे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया गया कि किसी ठेकेदार के कहने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया जबकि दूसरे मामलों में पुलिस पहले जांच करने की बात कहती है।
अनशन के दौरान अध्यक्ष सतीश कुमार तिवारी ने कहा कि कुछ सभासद भदोही नगर पालिका में लूट खसोट और भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं। उनका मुंह बंद कराने के लिए एक ठेकेदार को आगे कर अधिवक्ता सहित कुछ सभासदों के खिलाफ मुकदमा करा दिया गया। यह मुकदमा न केवल मनगढ़ंत है बल्कि इसमें पालिका चेयरमैन के पति का हांथ है। कहा कि हम लोगों ने पुलिस प्रशासन से बार बार इस मुकदमे की हकीकत की जांच कराकर मुकदमा स्पंज कराने की मांग की लेकिन अधिकारी भी सत्तापक्ष के दबाव मे हैं। इसको देखते हुए निर्णय लिया गया कि यह क्रमिक अनशन तभी खत्म किया जाएगा जब मुकदमे की सीओ स्तर से जांच कराकर वास्तविकता लोगों के सामने लाया जाए।
धरना के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान एसडीएम न्यायालय का बहिष्कार किया गया साथ ही चेतावनी भी दी गई कि जब तक मुकदमा खत्म नहीं हो जाता तब तक अनशन जारी रहेगा। आंदोलन में सूरज प्रसाद यादव, नरेंद्र उपाध्याय, प्रदीप तिवारी, जितेंद्र बिंद, महेंद्र नाथ बिंद, चंद्रशेखर यादव, ओमप्रकाश, अरुण कुमार दुबे, धर्मेंद्र पांडेय, कड़ेदीन, जगदीश नारायण, जयनाथ बिंद, श्याम नारायण यादव, लालचंद विश्वकर्मा, निहाल चंद, गंगाराम यादव आदि मौजूद रहे।