ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में नवीन शैक्षिक सत्र में नया सवेरा के तहत विद्यार्थियों को संस्कार, नैतिक शिक्षा और मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह शिक्षा विद्यार्थियों को प्रार्थना के समय दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त 15 मिनट तक समय दिया जाएगा। बेहतर करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बोर्ड ने शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है।
जिले में 37 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त समेत कुल 190 से अधिक माध्यमिक एवं इंटर कॉलेज संचालित हैं। इसमें शिक्षा सत्र में सुबह विद्यालय खुलने पर सबसे पहले प्रार्थना कराई जाती है। उसके बाद कक्षाओं में अलग-अलग विषयों की पढ़ाई होती है। ग्रीष्मावकाश के कारण विद्यालयों में छुट्टी है, लेकिन एक जुलाई से विद्यालय पूरी तरह खुल जाएंगे। नया सवेरा के तहत सप्ताह में दो दिन शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों की प्रातःकालीन सभा में पहुंचना होगा। वह बच्चों से कॅरिअर, नियमित दिनचर्या, अनुशासन व प्रासंगिक विषयों पर प्रेरक संवाद करेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा बच्चों को संस्कारित एवं अनुशासित करने की शिक्षा दी जाएगी। नए कैलेंडर के अनुसार अब प्रार्थना के लिए 15 मिनट समय आरक्षित किया गया है। इस दौरान प्रतिदिन प्रासंगिक विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी देनी होगी। हैंड्स ऑन एक्टीविटीज एवं एक्सपीरियंस लर्निंग विधा को गणित एवं विज्ञान विषय में लागू करने के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जाएंगे। प्रार्थना सभा में शिक्षकों व विद्यार्थियों की ओर से आज का सुविचार प्रस्तुत किया जाएगा। डीआईओएस विकायल भारती ने बताया कि कक्षा नौ से बारह तक के पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा एक विषय के रूप में पढ़ाने की व्यवस्था है। नैतिक शिक्षा की पढ़ाई और प्रभावी रूप से होगी।
ज्ञानपुर। प्रार्थना में शिक्षकों व विद्यार्थियों की ओर से आज का सुविचार प्रस्तुत किया जाएगा। आज के सुविचार की एक पंजिका बनाई जाएगी। माह के अंत में सर्वश्रेष्ठ सुविचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी को सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थी प्रतिदिन किसी नैतिक व प्रासंगिक विषय जैसे जीवन में मूल्यों का महत्व व मूल्यपरक शिक्षा, विभिन्न मानव मूल्य जैसे चरित्र निर्माण, राष्ट्र भक्ति, समाजसेवा, कर्तव्य परायणता, सत्यनिष्ठा आदि पर विचार देंगे। महापुरुषों का जीवन चरित्र, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, यातायात व सड़क सुरक्षा, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग आदि पर भी विचार प्रस्तुत करेंगे।