भदोही। भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) का 19वां स्थापना दिवस शुक्रवार की शाम धूमधाम से मनाया गया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपने गीत, नृत्य और गायन से समां बांध दिया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि छात्रों की प्रतिभा को नकारा नहीं जा सकता। आप मन लगाकर अपना कोर्स पूरा करें ताकि आगे चलकर आप देश के काम आ सकें। इस मौके पर छात्रों की पत्रिका ताना-बाना का विमोचन किया गया।
शाम का शुभारंभ डीएम, एसपी रामबदन सिंह और प्रमुख चिकित्सक डॉ. एके गुप्ता और निर्यातक भोलानाथ बरनवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद लगभग दो घंटे तक छात्रों ने रंगारंग कार्यक्रम के तहत गीत, नृत्य और गायन प्रस्तुत किए। एकल गीत, नृत्य में जहां प्रतिभागियो ने खूब सराहना बटोरी वहीं सामुहिक गीत और नृत्य के माध्यम से अतिथियों को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। डीएम ने कहा कि राष्ट्र को इन छात्रों पर नाज है। ये देश के भविष्य हैं। कालीन और वस्त्र प्रौद्योगिकी में ये बीटेक कर न केवल अपना भविष्य संवारेंगे बल्कि राष्ट्र की प्रगति में सहायक होंगे।
एसपी राम बदन सिंह ने कहा कि आपका आत्मविश्वास देखते ही बनता है। आज टेक्नालाजी के दौर का सदुपयोग करें और अपनी लगन और इच्छाशक्ति के बल पर राष्ट्र की प्रगति में सहभागी बनें। डीएम और एसपी ने छात्रों की पत्रिका ताना-बाना का विमोचन किया। मोमिता बेरा, प्रिंस मिश्रा न अर्पिता ने संचालन किया। निदेशक डा.आलोक कुमार ने संस्थान की भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। डा.एके गुप्ता, डा.आरके पटेल, डा.एसके पाल, एडवोकेट शरद श्रीवास्तव, रतीश श्रीवास्तव, सीए केपी दूबे, दीप बनवाल, डा.एसके पांडेय, सिद्धार्थ शुक्ला, दुर्गेश त्रिपाठी, सीएस बाजपयी, उमाकांत, श्रीवास्तव, अनुपम अग्रवाल, जंयंत देशपांडेय आदि मौजूद रहे।
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शैक्षणिक पुरस्कारों में अभिषेक, ट्विंकल और प्रिंस ने बाजी मारी
भदोही। रंगारंग कार्यक्रमों की बीच संस्थान के शैक्षणिक पुरस्कार भी बीती रात डीएम-एसपी ने दिए। इसमें प्रथम वर्ष में अभिषेक यादव प्रथम, जूही द्वितीय, अर्क दूबे तृतीय, द्वितीय वर्ष में ट्विंकल सुनेजा प्रथम, स्वाति चौहान द्वितीय और आदर्श मिश्रा तृतीय रहे। इसी प्रकार से तृतीय वर्ष में प्रिंस मिश्रा प्रथम, पल्लवी द्वितीय तथा अर्पिता कुमारी तृतीय रही। कार्यक्रम कोआर्डिनेटर मोमिता बेरा ने बताया कि खेल, सांस्कृतिक एवं पालीथिन प्रतिबंध से जुड़े प्रतियोगिताओं के कुल 235 प्रशस्ति पत्र भी अतिथियों ने दिए।