इलाहाबाद के धूमनगंज इलाके से अपहृत नौवीं कक्षा का छात्र मंगलवार को सुरियावां में पूर्वी रेलवे फाटक के समीप अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर भाग निकला। नेतानगर में नागरिकों को उसने आपबीती बताई तो लोगों ने उसे पुलिस को सौंपा। पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिवार वाले किशोर को अपने साथ ले गए।
फतेहपुर जिले के संतोष कुमार द्विवेदी रेलवे के डाक सेवा विभाग में कार्यरत हैं। वह इलाहाबाद के कालिंदीपुरम में परिवार के साथ रहते हैं। उनका 13 साल का बेटा आशीष द्विवेदी इलाके के जूनियर पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता है। आशीष ने बताया कि मंगलवार को सुबह सात बजे वह साइकल से स्कूल के लिए निकला था। रास्ते में सेना के कैंप के समीप बगीचा पड़ता है। वहां पहुंचा था कि स्कार्पियो सवार छह लोग पहुंचे और जबर्दस्ती वाहन में बैठा लिया। उसे कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गया। होश आया तो सुरियावां के रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास स्कार्पियो खड़ी थी। मौका पाते ही वह कार से कूद गया और भागकर जान बचाई। आशीष ने बताया कि बेहोश करने से पूर्व स्कार्पियो सवार पापा के मोबाइल पर बात कराने के लिए कह रहे थे। कह रहे थे कि बीस लाख रुपये पापा से दिलवा दो तो तुम्हे मारेंगे नहीं, छोड़ देगें। मैंने बात नहीं कराई तो धमकी दे रहे थे। सुरियावां पुलिस की सूचना पर परिवार वाले थाने पर आकर उसे लिवा गए। सीओ परमहंस मिश्र ने कहा कि अपहृत छात्र को परिवार वालों को सौंप दिया गया है। स्कार्पियो सवार बदमाश मौका देखकर भाग गए, जिससे पकड़ में नहीं आ सके।