इसके बाद डीएम सीएचसी दुर्गागंज पहुंचे। यहां एमओआईसी के साथ ओपीडी, इमरजेंसी, महिला और पुरुष वार्ड कक्ष का अवलोकन कर साफ-सफाई का निर्देश दिया। भर्ती मरीजों और तीमारदारों से हाल-चाल पूछते हुए चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली।
डीएम ने कहा कि अगर कोई बाहर की दवा लिखेगा तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के आवासीय परिसर का निरीक्षण किया। गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि जहां आप लोग रह रहे हैं, वहां श्रमदान कर लिया करें।
सीएचसी परिसर में बीपीएचओ निर्माण कार्यों के निरीक्षण में ईंट की गुणवत्ता खराब होने पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. शुभाकर श्रीवास्वत और ठेकेदार के प्रतिनिधि आशीष सिंह से प्रमाण पत्र पर सिग्नेचर कराकर ईंट की सैंपलिंग जांच के लिए भेजा। फायर सेफ्टी टंकी पर अंकित तिथि एक्सपायर होने पर बीडीओ को बदलने का निर्देश दिया।