जिला अस्पताल ज्ञानपुर में पसरा सन्नाटा।
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ज्ञानपुर/औराई। कड़ाके की ठंड में ठिठुरती जिंदगी के बीच यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे। रविवार की रात अमर उजाला की पड़ताल में पुलिस और प्रशासन के ठंड से निपटने और सुरक्षा के इंतजाम के दावों की पोल खुल गई। अस्पताल से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। यात्री और गरीब लोग खुले आसमान के नीचे ठंड में कांपते दिखे तो नौ बजे के बाद ही पुलिस बूथों पर सन्नाटा पसरा दिखा। ज्ञानपुर, भदोही, औराई और गोपीगंज के तमाम महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस कहीं नहीं दिखी।
जिला शीतलहर की चपेट में है। सात डिग्री के न्यूनतम तापमान ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। पुलिस और प्रशासन के दावों की पड़ताल करने के लिए रविवार की रात अमर उजाला की टीम रात्रि भ्रमण पर निकली तो सुरक्षा और ठंड से बचाव की व्यवस्थाएं राम भरोसे दिखीं। ठंड से बचने के लिए अलाव की कहीं व्यवस्था नहीं थी। रात साढ़े नौ बजे दुर्गागंज तिराहे के पुलिस बूथ पर सन्नाटा पसरा रहा। 10.20 बजे महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में सन्नाटे का आलम रहा। कहीं अलाव भी जलता नहीं मिला। 10.50 बजे ज्ञानपुर के शीतल पाल तिराहे पर यात्री अभिषेक यादव सवारी वाहन के इंतजार में बैठा था। पूछने पर बताया कि वाहन नहीं मिला तो मुश्किल हो जाएगी। तिराहे पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। 9.50 बजे हरिहरनाथ मंदिरऊ पर नागरिक खुद जलाव जलाकर ठंड दूर करते दिखे। 10.30 बजे औराई के व्यस्त चौराहे पर अजय नाम का यात्री खड़ा मिला, लेकिन अलाव न जलने के कारण वह परेशान था। उसे बरौत जाना था। पूछने पर बताया कि यात्रियों को ठंड से बचाव के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है। 09.30 बजे औराई सीएचसी में महिला कर्मचारी हीटर जलाकर बैठी दिखी, लेकिन अस्पताल परिसर में अलाव नहीं जल रहा था। इससे मरीज के साथ आने वाले तीमारदार बाहर ठंड में ठिठुरने को मजबूर थे। औराई तहसील तिराहे पर अलाव न जलने से झुग्गी झोपड़ी के लोग ठंड में परेशान दिखे। रात 11.05 बजे ज्ञानपुर के रैन बसेरा में राहगीर सोते मिले। यही हाल महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल भदोही, सीएचसी गोपीगंज और सीएचसी सुरियावां में भी दिखा। कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। सुरक्षा की स्थिति राम भरोसे ही दिखी। ठंड में रात्रि गश्त के दावे फेल होते दिखे। कहीं भी पुलिस और पीआरवी की टीम नहीं दिखी। वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग पर पूस की रात के सन्नाटे में सुरक्षा के इंतजाम नदारद दिखे। तमाम प्रमुख चौराहों-तिराहों पर पुलिस की तैनाती नहीं दिखी।