ज्ञानपुर। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव अलाव चौपाल लगाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की विफलताओं को लोगों तक पहुंचाया। कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने तक सपा चुप नहीं बैठेगी। सरकार को किसानों की बात माननी पड़ेेगी। इसके लिए सड़क से संसद तक आंदोलन होगा।
ज्ञानपुर के संसारापुर में आयोजित चौपाल में सेवानिवृृत्त कानूनगो अमृतलाल ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। अन्नदाता एक महीने से दिल्ली में परेशान हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है। पूर्व जिला महासचिव ओम प्रकाश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून किसानों को गुलाम बनाने वाले हैं। इसका विरोध समाजवादी पार्टी करती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह पंचायत चुनाव की तैयारी में लग जाएं। पंचायत चुनाव की जीत से 2022 का मार्ग प्रशस्त होगा। इसी तरह पूर्व जिला पंचायत सदस्य कल्पनाथ यादव, जमील अंसारी, मनोज यादव, कल्लन यादव, सुभाष आदि रहे।
जखांव दलित बस्ती में आयोजित चौपाल में जिलाध्यक्ष बाल विद्या विकास यादव ने कहा किसान विरोधी काले कानून को जब तक सरकार वापस नहीं लेगी तब तक किसान आंदोलन का समर्थन जारी रहेगा। तानाशाही रणनीति तैयार कर सरकार जो चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों को धोखा देना चाहती है जिसे पार्टी किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी। जखांव, कुरमैचा, इटहरा, सोनपुर, बसवापुर, कटरा, झौंवा, बाबूसराय, मदनपुर, कलूटपुर, जाजापुर, पाल चौराहा, कुढ़वां-दुर्गागंज, चौरी, सुरियावां, उगापुर, चौरी, जौहरपुर, सुल्तानापुर सर्रोई आदि गांवों में किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए जनसमर्थन जुटाया गया। इस मौके पर हृदय नारायण प्रजापति, जाहिद बेग, प्रदीप यादव, रामकिशोर बिंद, कुंवर प्रमोदचंद मौर्य, राजेश सोनकर, लालू यादव आदि रहे। औराई की पूर्व विधायक मधुुबाला पासी की ओर से संवराप में अनिल पासी, कलूटपुर में कैलाश बिंद, तारापुर में सीताराम यादव के आवास पर चौपाल आयोजित केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए काला कानून पारित किया गया। इसे वापस लेने तक संघर्ष किया जाएगा।