खमरिया कार्यकर्ता सम्मेलन में बोलते काशी क्षेत्र अध्यक्ष महेश श्रीवास्तव।संवाद
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ज्ञानपुर। डीएम आर्यका अखौरी की सख्त हिदायत का असर तहसील कर्मियों पर पड़ी है। तीनों तहसीलों में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के भूलेख फीडिंग का कार्य तेज हो गया है। सात सितंबर तक तिथि बढ़ने से लेखपाल संग विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। 2.32 लाख में अब तक 1.19 लाख की फीडिंग पूर्ण हो चुकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने पहले ई-केवाईसी पर जोर दिया और उसके बाद अब भूलेख का सत्यापन करा रही है। करीब दो महीने से चल रहा सत्यापन कार्य शुरू में काफी सुस्त रहा, लेकिन पिछले दिनों बैठक में डीएम की नाराजगी के बाद तहसीलों में काम तेज हो गया है। पहले 31 अगस्त तक फीडिंग पूर्ण करना था, लेकिन स्थिति ठीक न होने से तिथि सात सितंबर तक बढ़ा दी गई है। 2.32 लाख लघु एवं सीमांत किसानों में लगभग 2.26 लाख किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से ग्राम पंचायत वार ऐसे लोगों की सूची सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कराई है जो ईकेवाईसी नहीं करा सके हैं और अपात्र हैं। चस्पा सूची में कई लाभार्थी मृतक और सरकारी नौकरी, आयकर दाता हैं। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि तहसीलवार फीडिंग कार्य न होने के कारण शासन ने तिथि बढ़ाकर सात सितंबर कर दी है। बढ़ी तिथि में फीडिंग कार्य पूरा कराकर 15 सितंबर डाटा शासन को भेज दिया जाएगा। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि तीनों तहसीलों में एक लाख 19 हजार किसानों की फीडिंग हो चुकी है। एक नवंबर से शुरू होने वाले धान खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है। 16 अगस्त से अब तक 375 किसानों ने पंजीकरण कराया है। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश सही न होने से धान की रोपाई ठीक नहीं हुई है। ऐसे में लक्ष्य भी पूर्व से घट सकता है। एक नवंबर से धान खरीद को लेकर अभी कोई लक्ष्य नहीं मिला है। इससे अभी केंद्रों का निर्धारण भी नहीं किया गया।