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आंधी-बारिश ने मचाई तबाही

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आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
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फोटो
पेड़ जड़ से उखड़े, बिजली के पोल धराशायी
मकानों पर पेड़ गिरने से कई परिवार हुए बेघर
दो से तीन इंच के ओलों ने किसानों पर किया वज्रपात
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। बुधवार की देर रात तेज बारिश और तूफान ने भदोही जिले में जमकर तबाही मचाई। तूफानी चक्रवात से कई पेड़ उखड़ गए और डालियां टूट गईं। बोर्ड और टीनशैड उड़कर दूर चले गए। बिजली पोल और अन्य पोल उखड़ कर धराशायी हो गए। गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान दो से तीन इंच तक की साइज के ओले गिरे। इससे फसलें तबाह हो गईं। फसलों पर ओले की मार देख किसानों का कलेजा बैठ गया।
बुधवार को देर शाम सात बजे के आसपास जिले के कुछ इलाकों में हुई लगभग 20 मिनट की बारिश और आंधी ने जो तबाही मचाई थी, थोड़ी ही देर में जिले भर में शुरू हुए चक्रवाती तूफान ने उसे पीछे छोड़ दिया। गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि और बारिश ने गेहूं समेत खेत में लगी तमाम फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। बड़े हो चुके गेहूं के पौधे गिर गए और समूची फसल खेत में लोट गई। सरसों और चना-मटर पर दो से तीन इंच के ओलों ने वज्रपात किया। इससे किसानों का कलेजा मुंह को आ गया। तूफान का रौद्र रूप कुछ यों रहा कि दर्जनों पेड़ जड़ से उखड़ गए और अनगिनत डालियां टूटकर गिर गईं। बिजली के कई पोल और तार टूट कर गिर गए। कई मकानों के टीन शेड उखड़कर दूर चले जाने से गरीब परिवार बेघर हो गए। औराई तहसील क्षेत्र के अछवर, मवैया, फौदीपुर, डभका, रामापुर, महदवा, पीपरगांव, बैराखास, पियरोपुर, गरौली, महथुआ आदि गांवों में आंधी-तूफान ने खूब तबाही मचाई।
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लालानगर: औराई ब्लॉक के रैपुरी गांव में चक्रवाती तूफान के तांडव हाईटेंशन तार के दर्जनों पोल जमींदोज हो गए। सैकड़ों पेड़ जड़ समेत उखड़ गए।गांव के सेवाशंकर सरोज, गोविंदा सरोज, जटा सरोज, जयराम गौड़, गुलाब यादव, सूरज सिंह, प्रकाश सिंह, जटाशंकर यादव, अनंत लाल, रामचंद्र, लालधर, मरकाहे, लालप्रताप सरोज, अंतू धोबी, पंचलाल यादव, विजय यादव, सिपाहीलाल यादव समेत दर्जनों ग्रामीणों के पेड़ गिरे और टीन शेड उड़ गए। कुछ परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। रुपई सरोज के कच्चे झोपड़े पर पेड़ गिरने से उनकी स्कूटी मड़हे में दब गई। सरिता देवी के कच्चे मड़हे पर पेड़ गिर जाने से वह स्वयं घायल हो गईं। मड़हे में बंधी पांच गायें भी घायल हो गईं। संतोष गौड़ के कच्चे टीनशेड पर महुआ का पेड़ गिरने से गृहस्थी के सामान नष्ट हो गए। परिवार खुले आसमान के नीचे आगया। शिवशंकर के कच्चे झोपड़े के बगल स्थित पेड़ झोपड़े पर गिर गया। इससे गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया और परिवार खाना बनाने के लिए भी परेशान दिखा। इसी प्रकार बंजारी, डेरवा भवानीपुर, मूलापुर, समेत ज्ञानपुर विकास खंड के पूरे भागवत और अन्य गांवो में भी तबाही का मंजर देखने को मिला।
गोपीगंज नगर स्थित ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के भवन पर लगा बोर्ड उड़कर यात्रियों के आने जाने वाले मार्ग पर गिर गया। गनीमत थी कि तूफ़ान आने के कुछ समय पूर्व ही दानापुर-उधना एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफॉर्म से गुजर चुकी थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। क्योंकि ट्रेन आने के वक्त उस स्थान पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा थी।
सुरियावां: स्टेशन के समीप उत्तरी छोर पर नीम का विशालकाय पेड़ आंधी में धराशायी हो गया। नेतानगर में महुआ का पेड़ गिर गया। बारिश के कारण जहां-तहां भारी जलभराव हो गया। बाईपास सुरियावां से मिडिल स्कूल रोड पर वार्ड चार में सड़क पर घुटने तक पानी लग गया। नालियां चोक होने से सड़कों पर बदबूदार पानी बहने लगा और सड़कें बजबजाने लगीं। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से व्यवसायी परेशान रहे।
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इसी तरह औराई और ज्ञानपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों में आंधी-बारिश से भारी नुकसान हुआ।
इनसेट
पूरे दीवान में 100 से 200 ग्राम के ओले
ज्ञानपुर। कई गांवों में भारी भरकम ओलों ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी। पूरे दीवान गांव निवासी दिनेश बिंद ने चक्रवाती तूफान का मंजर बताते हुए कहा कि बुधवार की रात तेज तूफ़ान के साथ लगभग 100 से 200 ग्राम तक के ओले पड़े। ऐसे ओले उनकी याद में पहली बार देखने को मिले। इसी तरह सरई मिश्रानी गांव में भी बड़े-बड़े ओले गिरे। ओलों की मार से फसलों के पौधे टूट जा रहे थे।
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