इस दौरान 11 सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपने के बाद धरना सामाप्त किया। धरने के दौरान सभा में किसान नेता, इंद्रदेव पाल ने कहा की पिछले वर्ष आंधी पानी में हुई भारी तबाही ने किसानों का पेट काट दिया लेकिन सरकार ने सही ढंग से लोगों को मुआवजा नहीं दिया।
सभा में उन्होंने कहा कि सपा सरकार किसानों का मसीहा बनती है लेकिन इसी सपा सरकार के राज में किसान भूखो मर रहे हैं। कहा गया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है लेकिन सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों के पास भारी मात्रा में फर्जी कार्ड होगा।
सभा के दौरान चेतावनी दी गई कि किसानो को आपदा राहत चेक, राशन कार्ड, आधार कार्ड शीघ्र बनाकर दिया जाए अन्यथा आंदोलन को उग्र किया जायेगा।
इस दौरान अन्य वक्ताओ ने कहा की सपा सरकार में कानून नाम की चीज नहीं रह गई है। खुले आम सत्ता के बल पर कानून की धज्जियां उडाई जा रही हैं।
हाल ही में हुए बीडीसी हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों ने सीबीई से जांच कराने की मांग की।
किसान नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा की विश्व पटल पर डीजल व पेट्रोल की किमत घटी है बावजूद इसके भाजपा व सपा की सरकार मुल्य वृद्धि कर गरीब जनता का कमर तोड रही है।
धरने में जगन्नाथ मौर्य, रामलाल यादव, अच्छे लाल प्रजापति, कैलाश नाथ यादव, कलवंता बिंद, श्रीराम बिंद, सद्दाम हुसैन, ज्ञान प्रकाश, प्रेम बहादुर, अमृत लाल, परदेशी राम आदि रहे। अध्यक्षता रामचन्द्र पटेल व संचालन प्रेम बहादुर ने किया।