ज्ञानपुर। कालीन नगरी में कहने को तो हर गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। जबकि हकीकत कुछ और है। दवा छिड़काव के नाम पर सारी व्यवस्थाएं नदारद हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लीचिंग पाउडर सभी सीएचसी सेंटर पर भेजवा दिया गया है। कुछ जगह छिड़काव कराया भी गया, लेकिन कई जगह अभी भी बाकी है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तो मानसून भी आ जाएगा। बारिश होने के बाद छिड़काव का कोई मतलब नहीं बनेगा।
अभोली, सुरियावां, मोढ़, ज्ञानपुर, सीतामढ़ी, औराई, भदोही, चौरी, ऊंज आदि क्षेत्रों में जब लोगों से बातचीत की गई तो अधिकांश लोगों ने कहा कि कुआ में ब्लीचिंग पाउंडर का छिड़काव नहीं हुआ है। कुछ एक गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब 1355 आशा के सहयोग से जिले के सभी कुआं या पेयजल स्थानों पर दवा का छिड़काव बारिश से पूर्व किया जाता है। इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग आशा बहुओं के माध्यम से कागज पर ही दवा का छिड़काव करवा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बरसात से पूर्व विभाग संक्रामक रोगों के खिलाफ जुलाई से मुहिम चलाया जाएगा। वहीं एंटी लार्वा का छिड़काव बारिश होने के बाद ठहरे हुए पानी में किया जाता है। जिसकी जिम्मेदारी विभाग के साथ ही ग्राम प्रधान और आशा बहुओं की होती है। इसके लिए प्रत्येक गांव का बजट दस हजार रुपये है। अब तक दस हजार से अधिक लोगों का मलेरिया टेस्ट किया जा चुका है। जिसमें से 12 लोग पॉजिटिव आए थे।