निरीक्षण के दौरान कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का हाल जाना और डीपीओ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का हर तबके तक लाभ पहुंचे।
विशेष सचिव मंगलवार को सुबह 10 बजे जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय के गोद लिए गांव अछवर पहुंचे। यहां पर सीडीपीओ और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को दिशा-निर्देश देने के बाद भिदिउरा गांव में भी विभागीय योजनाओं के बारे में अवगत हुए।
इसके बाद सीडीओ के गोद लिए गांव इटवां में पहुंचकर चौपाल लगाई। चौपाल में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का हाल जाना। डीपीओ को निर्देशित किया कि प्रदेश सरकार की ओर से कुपोषण को दूर करने के लिए चल रही योजनाओ ंका शत प्रतिशत लाभ पहुचाएं।
कहा कि कुपोषण दूर करने से पहले अपने को मानसिक रूप से स्वच्छ रखें, कुपोषित दूर करने के लिए वृक्षारोपण भी जरूरी है। ग्रामीणों से कहा कि वह अपने घरों में दुधारू पशुओं को रखें दूध से अधिक पौष्टिकता किसी में नहीं है। इसे कुपोषण को बेहतर ढंग से दूर किया जा सकता है।
एएनम, आशा और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को निर्देशित किया कि वह घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों और धात्रियों को दवाएं वितरित करें।
सीडीओ आरपी मिश्रा, डीपीओ नीलम मेहता, सीएमओ एसएन सहाय, डिप्टी सीएमओ एसके श्रीवास्तव, एसडीएम प्रेमनाथ, बाल विकास परियोजना प्रभारी रीता अवस्थी, चिकित्सा प्रभारी औराई अनिल शृंगार, गुलाब पाल, सीडीपीओ रविश्वर राव, अनीता विश्वकर्मा, ऊषा सिंह, प्रतिमा देवी, सुनीता मौर्य, रागिनी पाठक, सुमन, आरती, कलावती, साजिदा बेगम सहित कई लोग मौजूद रहे।