मुख्यालय पर प्रदर्शन करते सपा नेता। संवाद
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही जिले के सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंच गए और मुख्यालय गेट पर भारी बारिश के बीच केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने अखिलेश यादव को तत्काल छोड़ने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को रिहा नहीं किया जाता, वे प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे।
सपा के जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उनका कहना था कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विरोध की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। भदोही के सपा विधायक जाहिद जमाल बेग ने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं की आवाज है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर विचार करने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
सपा नेता अंजनी सरोज ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का तानाशाही रवैया उसके पतन का कारण बनेगा और आने वाले चुनाव में युवा वर्ग इसका जवाब देगा। प्रदर्शन के दौरान ओमप्रकाश यादव, अंजनी शुक्ला, रामधनी यादव, संतोष यादव, धर्मेंद्र मिश्रा ‘’पप्पू’’ सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता बारिश के बीच मुख्यालय गेट पर धरने पर बैठे रहे।