सपा सांसद रामजी लाल सुमन के वाहन पर लगातार हो रहे हमले और धमकी के विरोध में बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी ने करणी सेना के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। संगठन एवं उससे जुड़े पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कहा कि कार्रवाई न होने पर सपा सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि प्रदेश में जनता के उत्पीड़न, हत्या, लूट, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अराजकता की घटनाएं आम हो गई हैं। कानून व्यवस्था बेहतर करने की बजाए अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रामजी लाल सुमन को करणी सेना के पदाधिकारी लगातार धमकी दे रहे हैं।
27 अप्रैल को बुलंदशहर जाते समय अलीगढ़ में उनके काफिले पर करणी सेना ने हमला किया। इससे उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ लोगों को गंभीर चोटें भी आईं। उक्त घटना के बाद प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट है कि उन्हें सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है।
प्रदेश सरकार की दलित विरोधी मानसिकता उजागर होती है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीडीए का नारा देकर समाज के सभी शोषित, उत्पीड़ित वर्गों के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसे कमजोर करने के लिए भाजपा ऐसा कदम उठा रही है। उक्त प्रकरण में अगर कार्रवाई नहीं होगी तो सपा चुप नहीं बैठेगी।
इस मौके पर ह्रदय नारायण प्रजापति, पूर्व मंत्री रामकिशोर बिंद, आरिफ सिद्दीकी, शोभनाथ यादव, विकास यादव, ओमप्रकाश यादव, श्यामला सरोज, राजेंद्र दुबे, सरिता बिंद, बिंदू सरोज, रामयज्ञ पाल, डॉ. नेबूलाल, प्रदीप वियोगी, दिलीप भीम कन्नौजिया, महेंद्र गौड़, धर्मेन्द्र मिश्र आदि रहे।