संगठन के लोगों का कहना है कि प्रशासन भी भूमाफियाओं के साथ मिला हुआ है। लोगों ने बताया कि भिक्षा मांग कर जो कुछ भी जुटेगा उसे राज्यपाल के माध्यम से लालची अधिकारियों को भेजा जाएगा।
मंच के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश बिंद ने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन के शह पर शहर के धरोहरों को बेचने का कुचक्र रचा जा रहा है। ऐतिहासिक तालाबों का अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है वह भी केवल धन के लिए। कहा कि हम लोग तीन दिन भिक्षाटन करेंगे जो धन मिलेगा उसे राज्यपाल को भेज कर यहां के भ्रष्ट अधिकारियों की पोल खोलेंगे।
भिक्षा मांगने के साथ लोगों को समाप्त किए जा रहे धार्मिक स्थलों, तालाबों की हकीकत भी बताते जा रहे थे। भिक्षा मांगने वालों में विनोद कुमार सोनकर, रोहित कुमार, रिंकू यादव, रमेश चंद यादव, रामसेवक बरनवाल, महेश बिंद, शीतला विश्वकर्मा आदि रहे।