भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में मंगलवार को संस्कृत दिवस मनाया गया। इस मौके पर संस्कृत के उत्थान पर चर्चा के साथ-साथ संस्कृत सूक्ति लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इसमें सोनी पटेल प्रथम रहीं। संयोजक एवं संस्कृत विभाग प्रभारी डॉ. अंकिता तिवारी ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। यह हमारी राजमाता है।
भाषा का सरलीकरण होना चाहिए ताकि यह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विद्वानों की भाषा आमजन की भाषा से भिन्न होती है। परंतु वेद का संदेश है कि प्रत्येक व्यक्ति विज्ञान और संस्कृत से जुड़ा हो। समय के साथ भाषा के स्वरूप में युगानुकूल परिवर्तन भी जरूरी है।
अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. माया ने कहा कि हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत तीनों भाषाओं का सामंजस्य ज्ञान परंपरा को सुदृढ़ करता है। उन्होंने संस्कृत को हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग बताया। संयोजक ने बताया कि संस्कृत सूक्ति लेखन प्रतियोगिता में सोनी पटेल प्रथम, आयुषी यादव द्वितीय और प्रिया सेठ तृतीय रहीं।
संस्कृत निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय- ‘संस्कृतभाषायाः महत्वं’ रहा। इसमें रानी यादव प्रथम, ममता यादव द्वितीय और हुस्ना परवीन ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस मौके पर महाविद्यालय के मुख्य शास्ता डॉ. राजकुमार सिंह यादव, रोवर्स-रेंजर्स प्रभारी डॉ. अनीश कुमार मिश्रा, डॉ. सुजीत कुमार सिंह, डॉ. रुस्तम अली आदि मौजूद रहे।