ज्ञानपुर। सोमवती अमावस्या सोमवार 30 दिसंबर को है। इस दिन महिलाएं विधि-विधान पूर्वक पीपल के पेड़ की पूजा अर्चन करती है। इससे उनके सुहाग की उम्र लंबी होती है। घर में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। डुहिया भावसिंहपुर निवासी आचार्य पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि काशी से प्रकाशित श्री महावीर पंचांग के अनुसार सोमवती अमावस्या का महापर्व 30 दिसंबर सोमवार को है। बताया अमावस्या 29 दिसंबर की भोर से शुरु है, जो 30 दिसंबर सोमवार की रात्रि चार बजे भोर तक रहेगी। सोमवती अमावस्या में पीपल वृक्ष में भगवान विष्णु का निवास होता है। सौभाग्यवती स्त्रियां विधिवत पूजन करती हैं। पीपल वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करती है। इससे सुख सौभाग्य और धन व धान्य की वृद्धि होती है। भगवान विष्णु की कृपा सदैव बनी रहती है।