महराजगंज। एक साल से बच्चों की क्लास कभी पेड़ के नीचे तो कभी रसोई घर में लगाई जा रही है। औराई ब्लॉक के कंसापुर प्राथमिक विद्यालय प्रथम के जर्जर भवन को ढहाने के एक साल बाद भी उसका निर्माण नहीं हो सका है। विद्यालय की 162 बच्चों की कक्षाओं को यूपीएस कंसापुर में शिफ्ट कर दिया गया। वहां जगह
कम होने के कारण बच्चों की कक्षा रसोई कक्ष में भी चलती है। बच्चे टॉट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। औराई ब्लॉक के कंसापुर प्राथमिक विद्यालय 10 साल पहले बना था। निर्माण के कई बिन्दुओं पर ध्यान न देने से यह जल्द ही जर्जर हो गया। मार्च 2023 में ही विद्यालय ध्वस्तीकरण व नीलामी की कार्रवाई पूरी कर ली गई। इसके बाद अब तक विद्यालय नहीं बन सका है। विद्यालय के ठीक पीछे गांव का दूषित पानी जमा होता है। वहीं पर तमाम लोग कूड़ा करकट फेंकते हैं। विद्यालय ढहाने के बाद बच्चों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंसापुर के चार कमरों में शिफ्ट कर दिया गया। बच्चों को एक से पांच तक क्लास चलाने के लिए पांच कमरों की जरूरत है। उसमें भी एक और दो बच्चों के साथ प्राधानाचार्य का ऑफिस चल रहा है। वहीं एक कमरे में बच्चों की रसोई के साथ पढ़ाई का भी काम हो रहा है। बारिश न होने की दशा मे बच्चो को बाहर कैम्पस मे पेड़ के नीचे पढ़ने को बाध्य होना होता है। गौर करने वाली बात है कि वहां पहले से ही बच्चों की पढ़ाई होती है। प्रधानाध्यापिका गीता ने बताया कि एक साल से जर्जर भवन को ढहाया गया है। इसके बाद कई बार भवन निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बच्चों के अभिभावक अब बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते। वहीं स्कूल में नए बच्चों को प्रवेश भी नहीं हो रहा है। बीएसए भूपेन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि 51 विद्यालयों के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित हो चुकी है। जल्द ही कंसापुर प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की समस्या आने नहीं दिया जाएगा। संवाद