केएनपीजी कॉलेज ज्ञानपुर में बीएड परीक्षार्थियों की लगी लाइन।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। जिले में रविवार को हुई बीएड प्रवेश परीक्षा में कोरोना का खौफ दिखा। अफसर से लेकर परीक्षा देने अभ्यर्थी मास्क लगाए रहे। परीक्षा केंद्रों पर भी सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई थी। मगर सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार कर दिया गया। परीक्षा कक्ष में भले ही परीक्षार्थियों को दूर-दूर बैठाने का प्रबंध किया गया था, लेकिन परीक्षा में शामिल होने के लिए आए परीक्षार्थियों की भीड़ को सामाजिक दूरी बरतने के प्रति जागरूक नहीं किया जा सका। परीक्षार्थी एक-दूसरे के बेहद करीब होकर कतार में खड़े रहे। सहसा ही लोगों के मुंह से निकल जाता कि कोरोना संक्रमण काल में इस तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा रविवार को पांच केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गई। दोनों पालियों में कुल 185 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। डीएम, एसपी समेत अन्य अफसरों ने परीक्षा केंद्रों का च्रक्रमण कर परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। रविवार को परीक्षा को लेकर सुबह से ही ज्ञानपुर के विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी पहुंचने लगे। अभ्यर्थियों की तलाशी के बाद परीक्षा कक्षों में भेजा गया। पहली पाली में सुबह नौ बजे और दूसरी पाली में दोपहर दो बजे से परीक्षाएं शुरू हुईं। जिले के पांचों केंद्रों पर कुल 2100 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 185 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जबकि 1915 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। औराई संवाददाता के अनुसार, केशव प्रसाद मिश्र महिला महाविद्यालय में पंजीकृत 500 परीक्षार्थियों में 12 अनुपस्थित रहे। डीएम राजेंद प्रसाद, एसपी रामबदन सिंह, केंद्र प्रतिनिधि राजीव कुमार सिंह, नोडल अफसर पीएन डोंगरे, पर्यवेक्षक ऋचा यादव, केंद्राध्यक्ष वृजकिशोर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो गई। कोरोना काल में सामाजिक दूरी और अन्य तरह के मानकों का पालन कराने का पूरा प्रयास किया गया था। केंद्रों पर सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था भी की गई थी। कुछ परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षा शुरू होने से पूर्व परीक्षार्थियों की भीड़ से सामाजिक दूरी टूटने की सूचना मिली, लेकिन उसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता था। फिर भी जो संभव हो सकते थे, वह सारे प्रयास किए गए।
अशोक चौरसिया, डीआईओएस