गंगारामपुर में लगा स्मार्ट मीटर। संवाद
ज्ञानपुर। बिजली चोरी पर नकेल कसने के लिए उपभोक्ताओं के घर-घर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी मनमाने ढंग से आ रहे बिजली बिल से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने लगी है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि मीटर लगते ही बिल सीधे 30 से 40 गुना अधिक आ रहा है। शिकायत के बाद भी अफसर अंजान बने रहते हैं। विभाग की दौड़ लगाने पर उपभोक्ताओं को अलग से परेशानी उठानी होती है। जिले में ढाई लाख बिजली उपभोक्ता हैं। सभी के यहां स्मार्ट मीटर लगना है। इस साल अब तक करीब 40 हजार मीटर लग चुके हैं। अभाेली ब्लाॅक के गंगारामपुर निवासी गुरुजी बिंद के घर पर झुल्लुर राम के नाम से स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। पहले कनेक्शन पर 100 से 200 रुपये तक बिजली का बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल 6000 रुपये आने लगा। बताया कि शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर महीने 5800 रुपये अतरिक्त बिल आता है। बताया कि घर पर केवल पंखा व लाइट का उपयोग होता है। मीटर हमेशा शून्य ही रहता है। इसी तरह संसारापुर निवासी विभूति नारायण दुबे ने बताया कि मई में विभाग के इंजीनियरों ने 4.5 लाख का मनमानी बिल थमा दिया। शिकायत पर सुधार किया तो उसी वक्त 19500 रुपये पूरा बिल जमा कर दिया। इसके बाद बिजली निगम ने इनके यहां स्मार्ट मीटर लगा दिया। बताया कि जमा करने के बाद एक रुपये बकाया नहीं था। इसके बाद भी एक महीने फिर से मीटर रीडिंग के हुई तो 27322 रुपये का बिल आया। फिर शिकायत की तो समस्या का समाधान हुआ। बिजली चोरी नई बात नहीं है। समय-समय पर अभियान चलाकर बिजली विभाग उपभोक्ताओं पर कार्रवाई तो करता है लेकिन उपभोक्ता को परेशान होना पड़ता है। कर्मचारी घर पर जाते हैं। पुराने मीटर को बदल कर स्मार्ट मीटर लगाए जाते हैं। मीटर लगने के बाद बिल में गड़बड़ी होती है। यह दिक्कतें संस्था की तरफ से होती है। बिजली केंद्र पर उसे सुधार किया जा सकता है।