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देव दीपावली : कालीन नगरी में देवगणों के लिए बिछी ‘रेड कार्पेट’

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ज्ञानपुर। मखमली कालीनों के लिए दुनियाभर में मशहूर कालीन नगरी भदोही में देव दीपावली का जश्न इस बार खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। इस देव दीपावली देवलोक से उतरकर धरती पर आने वाले देवताओं का स्वागत गंगा घाटों से लेकर सरोवरों और धार्मिक स्थलों तक तीन लाख दीयों की दीपमाला से होगा। मां गंगा की भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा और बड़े शिव धाम को सवा लाख दीपों से जगमग कर सप्तऋषि आरती का आयोजन किया जाएगा। घाटों पर आतिशबाजी की भी तैयारी है। कार्तिक पूर्णिमा का पर्व इस बार पांच नवंबर बुधवार को है। इस दिन को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवलोक के देवता धरती पर दिवाली मनाने आते हैं। गंगा घाटों पर सुबह से ही स्नान-दान की परंपरा रही है। डुहिया भावसिंहपुर के आचार्य पं. दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि इस दिन गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। स्नान के बाद दान करने से समृद्धि आती है। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा को ही देवी तुलसी ने पृथ्वी पर जन्म लिया था। इस दिन श्री हरि विष्णु और माता तुलसी की भी अराधना की जानी चाहिए। कार्तिक पूर्णिमा पर जिले भर में विभिन्न आयोजन होने हैं। इनमें गोपीगंज के बड़े शिव धाम पर शिव परिवार की ओर से महोत्सव आयोजित किया जाएगा। शिव परिवार के दीपक मोदनवाल ने बताया कि सबसे पहले छह बजे सप्तऋषि आरती होगी। इसके बाद रात आठ बजे सवा लाख बाती से बड़े शिव की महाआरती, 8:30 बजे गंगा आरती और नौ बजे आतिशबाजी के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पूरे मंदिर का फूलों से शृंगार होगा। जगह-जगह रंगोली बनाई जाएगी। इसी तरह ज्ञानपुर के सिद्धपीठ बाबा हरिहरनाथ परिसर में नगर पंचायत की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सभासद रमेश पासी ने बताया कि ज्ञान सरोवर की सीढि़यों, मंदिर परिसर में 1.51 लाख दीये जलाए जाएंगे। इसके अलावा अभूतपूर्व आतिशबाजी और लेजर लाइट शो और काशी की तर्ज पर आरती की जाएगी। धार्मिक पर्यटन स्थली सीतामढ़ी धाम में देव दीपावली पर कई आयोजन होंगे। आयोजन समिति के प्रमुख राहुल दुबे ने बताया कि सीतामढ़ी धाम में दोपहर बजे से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। दो बजे भजन संध्या होगी। इसमें प्रयागराज के लोक कलाकार शामिल होंगे। शाम साढ़े चार बजे गंगा महाआरती का आयोजन होगा। इसमें 11 वैदिक विद्वान मां गंगा की आरती उतारेंगे। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा व विशिष्ट अतिथि भदोही के पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय शामिल होंगे। गंगा आरती के बाद दीपोत्सव की शुरुआत होगी। इसमें गंगा घाट से महर्षि वाल्मीकि आश्रम तक 21 हजार दीये जलाए जाएंगे। इसके बाद गंगा में दीप मालाएं अर्पित करेंगे। प्रयागराज की टीम आतिशबाजी करेगी।
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