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चकवा मेले में आस्थावानों की भीड़ उमड़ी

Wed, 26 Aug 2015 01:18 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
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लोगों ने दर्शन-पूजन के बाद मेले का आनंद लिया। बच्चों ने जहां झूले का आनंद लिया, वहीं महिलाओं ने घरेलू सामानों की जमकर खरीदारी की। मेले में सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात रहे।
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सावन माह के अंतिम मंगलवार को बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस दिन जिलेभर के प्रमुख हनुमान मंदिरों पर मेला लगता है। मंगलवार को सुबह से ही पांडुकालीन चकवा महाबीर मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाबली की पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने मेला भ्रमण किया। सुबह 10 बजे के बाद मंदिर परिसर मेला देखने वालों से खचाखच भर गया। जगह-जगह सजी दूकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
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दूर दराज से आए लोगों ने चकवा महाबीर का दर्शन पूजन कर पुण्य की कामना की।
 मेले में बच्चों और महिलाओं ने चाट, फुल्की, जलेबी जैसे व्यंजनों का आनंद दिया। छोटे और बड़े झूले, सर्कस, मौत का कुआं जैसे कार्यक्रमों को लोगों ने उत्सुक होकर देखा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मेला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। मंदिर परिसर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। मुख्य मंदिर से तकरीबन एक किमी पूर्व ही बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया गया था।
 मेला समिति के कृपाशंकर सिंह, प्रदीप सिंह, नागेंद्र बहादुर सिंह, प्रहलाद, आदर्श, संजय, बृजेंद्र ने शांतिपूर्वक मेला संपन्न होने पर प्रशासन का आभार जताया।
 इसी क्रम में गोपीगंज के गेराईं गांव स्थित महाबीर मंदिर पर मंगलवार को ग्रामीणों की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें भोजपुरी गायक राजेश परदेशी ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
आयोजक गिरजाशंकर ने परदेशी को सम्मानित किया। इस मौके पर माखन मिश्रा, रामजी, संतोष, हीरामणि, जयशंकर, मनोज, कैलाश, राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे। 

मोढ़ संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के कस्तूरीपुर गांव में मंगलवार को बुढ़वा मंगल का मेला का आयोजन किया गया। मेला देखने के लिए आसपास के कई गांवों के लोग पहुंचे। मेले में जलेबी, चाट आदि लोगों ने आनंद लिया। 
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