फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसआईआर : भदोही के 4700 मतदाता लापता

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर (भदोही)। जिले में चल रहे विधानसभा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अब तक 4700 मतदाता ऐसे सामने आए हैं, जिनको बीएलओ ढूंढ़ नहीं पा रहे हैं। 18 हजार 853 नाम ऐसे हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। 10 हजार से अधिक ऐसे लोग हैं, जो दूसरी जगह जाकर बस गए हैं। जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य में जिला प्रशासन जुटा है। ज्ञानपुर, भदोही और औराई विधानसभा क्षेत्रों के 1256 बूथों पर बीएलओ रोज सुबह से लेकर शाम तक गणना प्रपत्र को एकत्र कर डिजिटाइज्ड करने में लगे हैं। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। कागजात सही न होने पर कई मतदाताओं का प्रपत्र अपलोड नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार तक जो सूची अपडेट हुई है, उसके अनुसार जिले के 12 लाख 33 हजार 334 मतदाताओं में सभी को गणना प्रपत्र वितरित हो गया है। वहीं अब तक छह लाख 91 हजार 938 मतदाताओं का गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड हुआ है। यह कुल का 57 से 58 प्रतिशत है। अभी तक के सत्यापन रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो ज्ञानपुर, औराई और भदोही विधानसभा में कुल 4700 मतदाताओं को बीएलओ ढूंढ़ नहीं सके हैं। इनमें भदोही विधानसभा क्षेत्र में 1772, ज्ञानपुर में 1850 और औराई में 1073 नाम शामिल हैं। मृतक मतदाताओं में भदोही विधानसभा क्षेत्र में 6795, ज्ञानपुर में 5832 और औराई में 6226 मतदाता शामिल हैं। सूची में 10 हजार से अधिक ऐसे लोग हैं, जो अन्यत्र जाकर बस गए हैं। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। चार नवंबर से चार दिसंबर तक गणना प्रपत्र को वितरित कर अपलोड किया जाना है। 12 लाख 33 हजार मतदाताओं में 24 दिनों में करीब सात लाख गणना प्रपत्र अपलोड किया गया है। ऐसे में चार दिसंबर यानी पांच दिनों में शत प्रतिशत कार्य को पूर्ण करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे कुछ बीएलओ दूसरों के लिए नजीर बन रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय मोढ़ बाजार के शिक्षामित्र श्यामजी दूबे इसी की बानगी हैं। 22 नवंबर को पौत्र की शादी होने के बाद भी वह गणना प्रपत्र को एकत्रित कर भरवाने में लगे रहे। एसआईआर में बेहतर कार्य के लिए उन्हें सम्मान भी मिल चुका है। सुरियावां के ही बहरैली गांव की बीएलओ सुनीता मिश्र की खुद की बेटी की शादी 29 नवंबर को थी लेकिन वह बीएलओ का काम करने के बाद शादी के कार्य में जुटीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें