कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के प्रथम उपाध्यक्ष और पांच प्रशासनिक समिति के सदस्य पदों के लिए गुरूवार से ई-वोटिंग शुरू हो गई। निर्यातक मतदाता 11 मई तक सायं 5 बजे तक ई-वोटिंग कर सकते हैं। यदि किसी कारण कोई ई-वोटिंग करने से वंचित रहता है तो 12 मई को खुद नोए़डा जाकर मतदान कर सकेगा। चुनाव में देश भर के कुल 1780 कालीन निर्यातक मतदाताओं को मतदान करना है। जिसमें से 1060 मतदाता यूपी के हैं।
परिषद में पहली बार ई-वोटिंग से मतदान गुरूवार को प्रारंभ हुआ। लोगों को सहुलियत है कि वे अपने घर से ही अपने मनपसंद प्रत्याशी को मतदान कर सकेंगे। परिषद द्वारा चुनाव कराने के लिए नेशनल सेक्योरिटीज डिपाजिटरी लि.(एनएसडीएल) से करार किया गया है जिसके द्वारा बुधवार को मतदाताओं के ईमेल पर यूजर आईडी और पासवर्ड भेज दिए गए थे। हालांकि गुरूवार को कुछ निर्यातकों ने बताया कि अब तक सैकड़ो लोगों को यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त नहीं हुए है।
इस बीच मतदान को देखते हुए प्रत्याशियों द्वारा गुरूवार को भी विभिन्न निर्यातकों के यहां आते जाते देखा गया। हलांकि सड़क पर चुनावी माहौल नहीं दिखा लेकिन भीषण गर्मी में लोग अपने अपने ड्राइंग रूम चुनावी चर्चा के साथ जीत हार पर कयासबाजी करते दिखाई दिए।
निर्वाचन अधिकारी, शिवकुमार गुप्ता ने बताया कि 11 मई की शाम तक निर्यातक मतदान कर सकते हैं। यदि किसी कारण कोई मतदान नहीं कर पाता है तो वह परिषद को पूर्व सूचना देकर 12 मई को 10 बजे से 2 बजे तक नोए़डा आकर खुद मतदान कर सकता है। हलांकि ऐसे मतदाताओं को अपने बैंकर से हस्ताक्षर प्रमाणित कर लाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मतदान की अंतिम तिथि में समय है एनएस़डीएल बचे लोगों को यूजर आईडी और पासवर्ड मुहैया कराएगी ताकि कोई मतदान से वंचित न रह जाए। मतदान शुरू होने के बाद चुनावी माहौल भले नहीं दिखा लेकिन लोग चुनाव नतीजों पर कयास लगाते रहे।