लुंबनी से दुद्धी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए मंडल में करीब 15 हजार पेड़ काटे जाएंगे। भदोही में 2260 पेड़ काटने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जबकि सोनभद्र और मिर्जापुर में 12 हजार पेड़ काटे जाएंगे। सड़क निर्माण से पूर्व पेड़ो को काटने की कवायद शुरू हो जाएगी।
नेशनल हाइवे से लेकर अन्य मार्गों पर वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार हर साल सड़कों की संख्या बढ़ाने के साथ ही कम चौड़ी सड़कों को फोरलेन और सिक्सलेन कर रही है। अति व्यस्ततम मार्गों में एक लुंबनी-दुद्धी मार्ग पर वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए पिछले साल सरकार ने फोरलेन बनाने की घोषणा कर दी। पिछले दिनों जिले में आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका शिलान्यास भी कर दिया। जल्द ही उक्त मार्ग को फोरलेन बनाने की कवायद शुरू हो जाएगी। लुंबनी से दुद्धी तक बनने वाले मार्ग में वैसे तो हजारों पेड़ काटे जाएंगे लेकिन मंडल में करीब 15 हजार पेड़ों की बलि चढ़ेगी।
वन विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो भदोही से होकर गुजरे मार्ग के किनारे 2260 पेड़ों को काटने के लिए चिन्हित किया गया है जबकि मिर्जापुर और सोनभद्र में यह संख्या करीब 12 हजार पहुंच जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण में जो पेड़ काटे जाते हैं उसके स्थान पर छह माह के अंदर ही वहीं या जगह न मिलने पर दूसरे जगहों पर दोगुना पौधे लगाए जाते हैं। लोक निर्माण विभाग के पास पौधरोपण के लिए बजट आता है।